आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया तो क्या इसके पीछे आंतरिक मतभेद हैं? जानें फैसले की वजह और पार्टी के भीतर चल रही हलचल।
आम आदमी पार्टी में हाल की कई बड़ी घटनाओं पर चुप्पी साधे रहने वाले राघव चड्ढा को पार्टी ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर यानी उप नेता के पद से हटा दिया है। 2023 से यह पद संभाल रहे राघव चड्ढा की जगह अब पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई है। अचानक से राघव चड्ढा का नाम क्यों हटाया गया, अब इस पर कयास लगाए जा रहे हैं। क्या पार्टी में दरार पड़ गई है, या फिर हाल के महीनों में राघव चड्ढा के पार्टी के प्रति रवैये में बदलाव के कारण यह फ़ैसला लिया गया है?
इन सवालों के जवाब से पहले जान लें कि पार्टी ने क्या कहा है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को औपचारिक चिट्ठी लिखकर उप नेता में बदलाव करने के बारे में बताया है। चिट्ठी में यह भी लिखा गया है कि राघव चड्ढा को अब संसद में बोलने के लिए समय नहीं दिया जाए। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब आप नेतृत्व और चड्ढा के बीच बढ़ती खाई सामने आयी है। लगातार रिपोर्टें आती रही हैं कि चड्ढा हाल के महीनों में पार्टी के अहम कार्यक्रमों और बैठकों से नदारद रहे।
राघव चड्ढा की चुप्पी पर सवाल
राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी की कई बड़ी घटनाओं पर चुप रहे हैं। हाल ही में केजरीवाल द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंतर मंतर पर जनसभा में भी वे मौजूद नहीं थे। फ़रवरी 2026 में दिल्ली शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी नेताओं को कोर्ट से क्लीन चिट मिली थी, लेकिन राघव चड्ढा ने न तो कोई बयान दिया और न ही सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किया। इससे भी बड़ा सवाल तब उठा था जब केजरीवाल की गिरफ़्तारी के समय वह भारत में दिखे तक नहीं थे।केजरीवाल की गिरफ़्तारी के समय कहाँ थे चड्ढा?
केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय भी उन्होंने ब्रिटेन में अपनी आंख की सर्जरी का हवाला देकर देर से प्रतिक्रिया दी थी। तब 21 मार्च 2024 को ईडी ने अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। उस समय राघव चड्ढा लंदन में थे। उन्होंने तब कहा था कि वह अपनी आँखों की सर्जरी करा रहे थे। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि देर हुई तो आँखों की रोशनी जा सकती थी। तब उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में लेक्चर भी दिया था और अपनी पत्नी परिणीति चोपड़ा के साथ थे। केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान पार्टी के मुश्किल समय में वे लगभग 2 महीने गायब रहे।बीजेपी ने तब तंज कसा था कि पार्टी संकट में 'नीली आँखों वाला लड़का' लंदन में सर्जरी का बहाना लेकर बैठा है, जबकि दिल्ली मॉडल पर सवाल उठ रहे हैं। ख़बरें आई थीं कि आप कार्यकर्ता और कुछ नेताओं में भी नाराजगी थी कि एक वरिष्ठ नेता इतने महत्वपूर्ण समय में उपलब्ध नहीं थे।
सौरभ भारद्वाज ने बाद में सफ़ाई दी थी कि सर्जरी जरूरी थी और राघव ठीक होने के बाद वापस लौटेंगे। राघव ने बाद में एक टीवी कार्यक्रम में सफ़ाई दी थी कि लंदन में लेक्चर के बाद उनकी आँख में समस्या हुई।
पार्टी का रुख क्या?
बहरहाल, अब फिर से ये रिपोर्टें आ रही हैं कि राघव चड्ढा कई महत्वपूर्ण मौकों पर उपलब्ध नहीं रहे और धीरे-धीरे पार्टी लीडरशिप से दूरी बढ़ती गई। कई मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस फैसले का कोई एक खास ट्रिगर नहीं था और न ही चड्ढा पर कोई एंटी-पार्टी गतिविधि का आरोप है। लेकिन पार्टी काफी समय से यह कदम उठाने की सोच रही थी। राघव चड्ढा को पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भी जगह नहीं दी गई थी।
राघव चड्ढा कौन हैं?
37 साल के राघव चड्ढा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। 2012 से आप के साथ हैं और अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी में फैसले लेने वाले सबसे ऊंचे संगठन पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी के सदस्य हैं। दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन और पंजाब सीएम भगवंत मान के सलाहकार भी रह चुके हैं। फिलहाल पंजाब में पार्टी के को-इंचार्ज हैं।
राघव चड्ढा को आम लोगों के मुद्दों को उठाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने एयरपोर्ट पर सस्ता खाना उपलब्ध कराने की मांग की थी, जिसके बाद ‘उड़ान यात्री कैफे’ शुरू हुए। डिलीवरी बॉय जैसे गिग वर्कर्स के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। 10 मिनट डिलीवरी की 'तानाशाही' पर रोक लगाने की मांग की और खुद एक दिन ब्लिंकिट डिलीवरी एक्जीक्यूटिव बनकर काम किया। बजट सत्र में पेड पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की। टेलीकॉम प्लान्स को 30 दिन का बनाने और डेटा रोलओवर की सुविधा की मांग की।
अब आगे क्या होगा?
राघव चड्ढा अभी भी आप के सांसद बने हुए हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल 2028 तक है। पार्टी के इस कदम से अटकलें तेज हो गई हैं कि आप में कुछ न कुछ गड़बड़ है, लेकिन पार्टी इसे सामान्य बदलाव बता रही है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि क्या यह शुरुआत है या फिर और बड़े बदलाव आने वाले हैं। फिलहाल दोनों तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।