कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में अपने संगठन में सबसे बड़े फेरबदल की तैयारी कर रही है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने पिछले सप्ताह लगभग 130 नेताओं का इंटरव्यू और प्रदर्शन मूल्यांकन किया है। इसके साथ ही मंगलवार को दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिवों और प्रभारी नेताओं की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें संगठन को मजबूत करने और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया गया।

130 नेताओं का इंटरव्यू, 50% सचिव बदलने की चर्चा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस ने अपने 64 AICC सचिवों के कामकाज की व्यापक समीक्षा शुरू की है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लगभग आधे सचिवों को बदला जा सकता है और उनकी जगह नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह प्रक्रिया केवल औपचारिक नहीं थी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रत्येक नेता से व्यक्तिगत बातचीत कर उनके संगठनात्मक अनुभव, राज्यों में काम, चुनावी रणनीति और भविष्य की भूमिका पर सवाल पूछे। बैठकों में के.सी. वेणुगोपाल भी मौजूद रहे।

इंटरव्यू में क्या-क्या पूछा गया?

पार्टी सूत्रों के मुताबिक नेताओं से मुख्य रूप से इन मुद्दों पर बातचीत हुई: अपने राज्य में संगठनात्मक प्रदर्शन, पार्टी विस्तार के लिए किए गए कार्य, आगामी चुनावों की रणनीति, कमजोर राज्यों में कांग्रेस को मजबूत करने की योजना, “संगठन सृजन अभियान” के तहत उनकी भूमिका, हर नेता के लिए अलग मूल्यांकन तैयार किया गया है, जिसके आधार पर नई नियुक्तियों और जिम्मेदारियों का फैसला होगा।
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दिल्ली में हुई संगठन समीक्षा बैठक

मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित AICC सचिवों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल तथा विभिन्न राज्यों के प्रभारी और सचिव शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य था: राज्यों में संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा, सदस्यता और बूथ स्तर के ढांचे को मजबूत करना, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी जवाबदेही आधारित कार्य संस्कृति लागू करना, कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट संदेश दिया कि संगठन में पद केवल वरिष्ठता के आधार पर नहीं बल्कि प्रदर्शन के आधार पर तय होंगे।

क्यों हो रहा है यह बड़ा बदलाव?

कांग्रेस पिछले कुछ महीनों से कई राज्यों में संगठनात्मक पुनर्गठन कर रही है। हाल ही में पंजाब में भी प्रभारी बदले गए थे और अब राष्ट्रीय स्तर पर सचिवों व प्रभारियों की जिम्मेदारियों की समीक्षा की जा रही है। पार्टी का मानना है कि विधानसभा चुनावों और भविष्य की राष्ट्रीय राजनीतिक लड़ाई के लिए एक अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख संगठन आवश्यक है।

‘संगठन सृजन अभियान’ पर विशेष जोर

राहुल गांधी लंबे समय से पार्टी के भीतर नीचे से ऊपर तक संगठन खड़ा करने की बात करते रहे हैं। इसी क्रम में “संगठन सृजन अभियान” के तहत जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर नए नेतृत्व को आगे लाने तथा निष्क्रिय इकाइयों को पुनर्जीवित करने की योजना पर काम चल रहा है। वर्तमान समीक्षा उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।

जल्द हो सकती है नई नियुक्तियों की घोषणा

सूत्रों के अनुसार समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद AICC सचिवों, राज्यों के प्रभारियों और कुछ केंद्रीय पदाधिकारियों की नई सूची जारी की जा सकती है। इससे कांग्रेस के केंद्रीय संगठन में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसमें युवा नेताओं और सक्रिय संगठनकर्ताओं को अधिक जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।