loader
मुकुल रॉय फिर लौटेंगे बीजेपी में ?

मुकुल रॉय दिल्ली में 'प्रकट', बीजेपी में जाएंगे, बंगाल में नाटक

बंगाल के दिग्गज टीएमसी नेता मुकुल रॉय मंगलवार देर रात दिल्ली में प्रकट हुए और कहा कि वो अभी भी बीजेपी विधायक हैं और बहुत जल्द केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर बीजेपी में वापसी करेंगे। मुकुल रॉय सोमवार को कोलकाता से दिल्ली के लिए चले थे। उनकी फ्लाइट दिल्ली में लैंड कर गई लेकिन उनका कोई अता-पता नहीं था। उनके बेटे ने कोलकाता में अपने पिता मुकुल रॉय की गुमशुदगी की एफआईआर करा दी थी। उनके परिवार ने शुरू में दावा किया कि वह "लापता" हैं, लेकिन बाद में बीजेपी पर उनके इस्तेमाल का आरोप लगाया जो बीमार हैं और "दिमाग के सही फ्रेम" में नहीं हैं।

एनडीटीवी के मुताबिक मुकुल रॉय ने एक बांग्ला टीवी पर मंगलवार देर रात कहा, मैं बीजेपी विधायक हूं। मैं बीजेपी के साथ रहना चाहता हूं। पार्टी ने यहां मेरे रहने की व्यवस्था की है। मैं अमित शाह से मिलना चाहता हूं और (पार्टी अध्यक्ष) जे पी नड्डा से बात करना चाहता हूं।

टीएमसी के संस्थापक सदस्यों में से एक मुकुल रॉय 2017 में बीजेपी में चले गए। उन्होंने 2011 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की। हालाँकि, वह सदन से इस्तीफा दिए बिना जल्द ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में लौट आए।

ताजा ख़बरें
रॉय ने मंगलवार रात को कहा - मैं काफी समय से ठीक नहीं था, इसलिए मैं राजनीति से दूर था। लेकिन अभी, मैं ठीक हूं और फिर से राजनीति में सक्रिय रहूंगा। उन्होंने कहा कि उन्हें "100 फीसदी यकीन है कि वह अब कभी भी टीएमसी में नहीं लौटेंगे। रॉय ने अपने बेटे सुभ्रांशु को भी सलाह दी है। उन्होंने कहा, "उसे भी बीजेपी में शामिल हो जाना चाहिए क्योंकि यही उसके लिए सबसे सही होगा।"

मुकुल रॉय के घर कोलकाता में नाटक सोमवार देर शाम तब शुरू हुआ जब टीएमसी नेता के परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि वह "लापता" हैं। कल रात दिल्ली पहुंचने के बाद, रॉय ने संवाददाताओं से कहा कि वह दिल्ली आए हैं लेकिन उनका "कोई विशेष एजेंडा नहीं" है। उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली आया हूं। कोई खास एजेंडा नहीं है। मैं कई सालों से सांसद हूं। क्या मैं दिल्ली नहीं आ सकता? पहले मैं नियमित रूप से दिल्ली आता था। "
पूर्व रेल मंत्री के बेटे सुभ्रांशु ने पीटीआई को बताया था कि उनके पिता सोमवार देर शाम से ''लापता'' हैं। जैसा अटकलें थीं कि मुकुल रॉय बीजेपी में फिर से शामिल हो सकते हैं। सुभ्रांशु ने कहा कि उनके पिता "बेहद बीमार" हैं और "मनोभ्रंश और पार्किंसंस रोग" से पीड़ित हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कोलकाता में कहा, "मेरे पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि वे एक अस्वस्थ व्यक्ति के साथ राजनीति न करें। उनके लापता होने के बाद मैंने कल रात पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।"

रॉय के बेटे ने यह भी दावा किया कि उनके पिता की पिछले महीने "मस्तिष्क की सर्जरी" हुई थी और वे परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों को भी पहचानने में विफल रहे। एनडीटीवी के मुताबिक सुभ्रांशु ने दावा किया कि जब उन्हें सोमवार रात पता चला कि टीएमसी नेता हवाई मार्ग से दिल्ली जा रहे हैं, तो उन्होंने अधिकारियों से उन्हें उतारने का अनुरोध किया था, लेकिन तब तक फ्लाइट जा चुकी थी।
सुभ्रांशु, जो भी अपने पिता के साथ 2021 में टीएमसी में लौटे थे, ने कहा- मुख्यमंत्री ने खुद मेरे पिता का हालचाल पूछने के लिए फोन किया था।

बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अनुपम हाजरा द्वारा फेसबुक पर "वापसी" शब्द लिखने के बाद रॉय के फिर से बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को बल मिला।

एक समाचार चैनल द्वारा संपर्क किए जाने पर हाजरा ने कहा, "यह प्रतीक्षा करने और देखने का समय है। कृपया एक या दो दिन प्रतीक्षा करें, बहुत जल्द सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।" हाजरा की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, सुभ्रांशु ने कहा कि यह टीएमसी और उसके राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को बदनाम करने का प्रयास था।

उन्होंने कहा, "यह शर्मनाक है कि कुछ लोग इतना नीचे गिर गए हैं और मेरे पिता की नई दिल्ली यात्रा पर राजनीति कर रहे हैं। यह टीएमसी और हमारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को बदनाम करने का एक प्रयास है।"
बंगाल के संसदीय मामलों के मंत्री और टीएमसी नेता सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने भाजपा पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मैं पिछले कई दशकों से मुकुल रॉय को जानता हूं। वह इतना बीमार है कि वह लोगों को पहचानते तक नहीं हैं और एक वाक्य भी ठीक से पूरा नहीं कर सकते हैं। अब अगर बीजेपी किसी बीमार व्यक्ति का इस्तेमाल करके राजनीति करना चाहती है, तो हम ऐसी गंदी राजनीति की निंदा करते हैं।

राजनीति से और खबरें
बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने हालांकि कहा कि हमारी पार्टी की मुकुल रॉय को पार्टी में वापस शामिल करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। इस बीच, बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के तहत एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन ने बीजेपी नेता और कभी मुकुल रॉय के करीबी सहयोगी रहे पीयूष कनोडिया से पूछताछ की।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "मुकुल रॉय के बेटे की शिकायत के बाद, हमने मामले में कथित संलिप्तता के लिए दक्षिण दमदम के एक स्थानीय नेता से पूछताछ की है। हमने कुछ अधिकारियों को नई दिल्ली भी भेजा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या हुआ है।
टीएमसी नेतृत्व के साथ मतभेदों के बाद मुकुल रॉय 2017 में बीजेपी में शामिल हो गए। उन्हें 2020 में बीजेपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने 2021 में बीजेपी के टिकट पर कृष्णानगर उत्तर विधानसभा सीट से जीत हासिल की और परिणाम घोषित होने के एक महीने बाद ही बीजेपी द्वारा "बुरे व्यवहार" की शिकायत करते हुए टीएमसी में लौट आए। हालाँकि, उन्होंने विधायक के रूप में इस्तीफा नहीं दिया। टीएमसी में वापसी के बाद से ही वह लोगों की नजरों से दूर रहे हैं। 

रॉय ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा में लोक लेखा समिति के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें