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राष्ट्रपति चुनाव: क्या जेडीएस भी करेगा द्रौपदी मुर्मू का समर्थन?

राष्ट्रपति चुनाव में कुछ विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को क्या एक और विपक्षी राजनीतिक दल झटका देने जा रहा है। जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के नाम का समर्थन कर सकता है। जेडीएस ने राष्ट्रपति चुनाव के चयन के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से बुलाई गई बैठक में भाग लिया था। लेकिन अब वह विपक्षी खेमे से हट सकता है। 

राष्ट्रपति के चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान होगा जबकि नतीजे 21 जुलाई को आएंगे। 

जेडीएस के अलावा झारखंड में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चला रहा झारखंड मुक्ति मोर्चा भी द्रौपदी मुर्मू के नाम का समर्थन कर सकता है। इस तरह के संकेत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद मिले हैं।

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हालांकि जेडीएस की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि वह द्रौपदी मुर्मू के नाम का समर्थन कर बीजेपी का समर्थन नहीं कर रहा है। 

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू के पास काफी समर्थन है लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने हमारा समर्थन मांगा है और यह उनका बड़प्पन है। उन्होंने कहा कि द्रौपदी मुर्मू ने जेडीएस के मुखिया और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा को दो बार फोन कर उनका समर्थन मांगा। कुमारस्वामी ने कहा कि ऐसा लगता है कि मुर्मू पहले ही चुनाव जीत चुकी हैं। 

President polls 2022 JD(S) may support Droupadi Murmu - Satya Hindi

कुछ दिन पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी देवेगौड़ा को फोन कर राष्ट्रपति चुनाव में मुर्मू का समर्थन करने की अपील की थी। 

कुमारस्वामी ने कहा कि वह द्रौपदी मुर्मू के जीवन, उनकी पृष्ठभूमि और उनके संघर्ष के बारे में जानते हैं। जेडीएस के पास लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर 2 सांसद हैं और कर्नाटक की विधानसभा में उसके 30 विधायक हैं। 

हालांकि द्रौपदी मुर्मू की राष्ट्रपति चुनाव में जीत लगभग तय हो गई है क्योंकि एनडीए के पास अपने 49 फीसदी वोट हैं और बीते दिनों में कई विपक्षी दलों का समर्थन भी मुर्मू को मिल गया है। 

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बीएसपी, बीजू जनता दल, वाईएसआर कांग्रेस द्रौपदी मुर्मू के समर्थन में आगे आए हैं। महाराष्ट्र में हुए चुनावी घटनाक्रम के बाद मुर्मू को शिवसेना के बागी विधायकों का भी वोट मिलने की पूरी संभावना है। जबकि कुछ विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को तेलंगाना की केसीआर सरकार ने समर्थन दिया था। 

सिन्हा के साथ कांग्रेस, एनसीपी, आरजेडी, राष्ट्रीय लोकदल, सपा, नेशनल कॉन्फ्रेन्स, टीएमसी आदि दलों का समर्थन है। 

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