टिकैत ने कहा, “सरकार ने ज़्यादा स्थिति ख़राब की तो किसान बंगाल की ओर चल देंगे और उसका फातेहा पढ़ देंगे।”
टिकैत विधायकों-सांसदों की पेंशन तक भी पहुंच गए और कहा कि इन लोगों को चार-चार पेंशन मिलती हैं और 60 साल तक नौकरी करने के बाद भी सरकारी कर्मचारी की पेंशन को ख़त्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की लड़ाई हम लड़ेंगे।
ये साफ दिखाई देता है कि राकेश टिकैत मोदी सरकार से सीधी लड़ाई के मूड में हैं और शायद इसीलिए वह लोगों से ट्रैक्टर का मुंह दिल्ली की ओर रखने की बात करते हैं और कहते हैं कि कभी भी वहां जाने का बुलावा आ सकता है।