राजस्थान बीजेपी की नेता वसुंधरा राजे ने ‘मैं अपने लिए नहीं लड़ पाई’ का बयान दिया और राजस्थान की राजनीति में हलचल मच गई। क्या वह अपना सीएम पद नहीं बचा पाने की बात कह रही थीं? बयान के बाद विवाद बढ़ा तो सफाई क्या दी?
राजस्थान में पिछले चुनाव में मुख्यमंत्री पद गँवाने वाली पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने जब हाल ही में कह दिया कि 'मैं अपने लिए नहीं लड़ पाई' तो राजस्थान में हंगामा मच गया। एक कार्यक्रम में राजे के इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद पत्रकारों के सवाल पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कह दिया, 'मुख्यमंत्री तो हर बार थोड़ी कोई बनता है... किसको क्या होना है...'। इस विवाद के बाद वसुंधरा राजे ने खुद सफाई दी और कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। ये बयान इसलिए काफ़ी अहम हैं क्योंकि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले वसुंधरा राजे बीजेपी की सबसे बड़े नेताओं में से एक हैं। वह राजस्थान में बीजेपी की ओर से सीएम पद की दावेदार रही थीं। लेकिन 2023 के चुनाव बाद राजे की जगह भजन लाल शर्मा को सीएम बना दिया गया।
राजे के बयान पर विवाद क्यों?
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है। दो दिन पहले झालावाड़ के कामखेड़ा बालाजी धाम मंदिर में लोगों से बातचीत करते हुए वसुंधरा राजे ने कहा था कि लोग उनके पास शिकायत लेकर आते हैं कि उन्हें घर, पेंशन, मुआवज़ा वगैरह नहीं मिल रहा है। दो दिन पहले राजे ने कहा था, "किसी की बीवी चली गई, लड़ाई हो गई, यह सब चलता रहेगा, यह दुनिया है। जब मैं कल यहाँ आई, तो उन्होंने कहा और मैंने जवाब दिया, ‘भैया, मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ; अगर मैं अपने लिए नहीं लड़ सकती, तो मैं आपकी मदद कैसे कर सकती हूँ?’ इस पर उन्होंने कहा, ‘भले ही आपने अपने लिए नहीं किया, प्लीज़ हमारे लिए करो’। भैया, मैंने अपना खोया; मैं खुद को नहीं बचा सकी। फिर भी, आप यहां कह रहे हैं कि मेरी हालत एक जैसी है, लेकिन प्लीज़ हमें बचाओ। पर कैसे?”
राजे के बयान पर विवाद कैसे बढ़ा?
वसुंधरा का यह बयान तुरंत वायरल हो गया और दो दिनों तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि यह मुख्यमंत्री का पद न मिलने से उनका दर्द बाहर आ रहा है। जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जयपुर में थे तो एक पत्रकार ने उनसे राजे के बयान के बारे में पूछा। इस पर अखिलेश ने कहा, 'यदि वसुंधरा जी मुख्यमंत्री होतीं, तो ज़्यादा बेहतर काम होता।' राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव की बातों से सहमति जताई। वसुंधरा राजे को लेकर ऐसी राजनीतिक बयानबाजी के बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर को आखिरकार जवाब देना पड़ा।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का बयान
जब राजस्थान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से इस वायरल क्लिप के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'वसुंधरा जी ने ऐसा कुछ नहीं कहा कि उनका काम नहीं हो रहा है। उनका सारा काम हो रहा है। मैंने उनसे दो मिनट पहले ही बात की है।' जब पत्रकारों ने और सवाल पूछे तो राठौड़ ने कहा, 'वे भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। क्या नहीं बचा पाईं? आप कैसी बातें कर रहे हो? ...मुख्यमंत्री तो हर बार थोड़ी कोई बनता है... किसको क्या होना है...।' राठौड़ ने इसके बाद एक राजस्थानी कहावत भी कह दी। इसका मोटा-मोटा अर्थ यह है कि यदि आपको खाने के लिए रोटी का कोई सूखा टुकड़ा या चपाती मिलती है, तो उसे दाल और घी की भरपूर मात्रा डालकर खाएँ। यानी आपको जो कुछ भी मिल रहा है, ले लें, आप हमेशा उससे लड़ नहीं सकते।
वसुंधरा की सफ़ाई
राजनीतिक विवाद होने के बाद वसुंधरा राजे ने सफ़ाई दी और कहा कि स्थानीय सांसद और उनके बेटे दुष्यंत सिंह की पदयात्रा के चौथे चरण के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा था कि उनके निर्वाचन क्षेत्र से होकर एक चार-लेन वाली सड़क बनाई जा रही है।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने शनिवार को कहा, "वहाँ (झालावाड़ में) के लोग चाहते थे कि बाईपास का अलाइनमेंट बदल दिया जाए। उन्हें अपना ही उदाहरण देते हुए मैंने कहा कि जब धौलपुर में मेरे घर के सामने से नेशनल हाईवे गुज़रा था तो मुझे भी अपने घर की बाउंड्री पीछे हटानी पड़ी थी। मैं अपने लिए नहीं लड़ सकी। और जब मैं नियमों की वजह से अपने ही घर को टूटने से नहीं बचा सकी तो मैं आपका घर कैसे बचाऊँगी?'उन्होंने कुछ लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा, 'ये षड्यंत्रकारी लोग हैं। पहले भी ऐसा कर चुके हैं, आज भी कर रहे हैं। इतने सालों में कुछ नहीं कर पाए। भगवान की कृपा और जनता के प्यार से आगे भी ये सफल नहीं होंगे।'
वसुंधरा के बयान के बाद यह घटनाक्रम राजस्थान बीजेपी में चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी के अंदर वसुंधरा राजे की लोकप्रियता और उनके भविष्य की भूमिका को लेकर पहले से ही बातें चल रही थीं। अब इस नये घटनाक्रम के बाद इसमें और तेजी आ गई।