तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलागा वेट्ट्री कजगम (टीवीके) सरकार को एआईएडीएमके (अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम) के एक प्रमुख विद्रोही गुट ने पूर्ण समर्थन की घोषणा कर दी है। इसका नेतृत्व पूर्व कानून मंत्री सीवी षणमुगम कर रहे हैं। उनके साथ 30 विधायक एआईएडीएमके से अलग हुए हैं।
पूर्व मंत्री सी.वी. षणमुगम और एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व वाले इस गुट ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे अब किसी भी पूर्व चुनावी गठबंधन में नहीं हैं। यानी उनका डीएमके या बीजेपी किसी के साथ भी गठबंधन नहीं है।

पलानीस्वामी ने डीएमके से गठबंधन करना चाहा

षणमुगम ने संवाददाताओं से बात करते हुए एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कषगम) के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश की। षणमुगम ने इसे "उनके ग्रुप के लिए सदमा" बताया।
उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके की स्थापना ही डीएमके का विरोध करने के लिए हुई थी और इतने सालों से पार्टी इसी मुद्दे पर राजनीति करती रही है। ऐसे में डीएमके के साथ किसी भी तरह का सहयोग पार्टी के "खत्म हो जाने" जैसा होगा। षणमुगम ने कहा कि पलानीस्वामी की महत्वाकांक्षी इसमें आड़े आ रही थी। वो डीएमके के साथ गुप्त गठबंधन कर सीएम बनना चाहते थे। लेकिन हम लोग इसके विरोध में थे। जनता ने विजय और उनकी पार्टी को वोट दिया है। उन्हीं की सरकार चाहती है। ऐसे में हम क्यों जनता के विश्वास को तोड़ें। पलानीस्वामी ने जब हमारी बात नहीं मानी तो हमने अलग होने का फैसला किया।
षणमुगम ने कहा कि एस.पी. वेलुमणि को एआईएडीएमके विधायक दल का नेता चुना गया है, जी. हरि को उपनेता, डॉ. सी. विजयभास्कर को व्हिप और आर. कमराज को सचिव बनाया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेलुमणि, विजयभास्कर और कमराज समेत कई सहयोगी मौजूद थे।

पार्टी के चुनावी नाकामियों पर सवाल

षणमुगम और वेलुमणि ने कहा कि एआईएडीएमके को 2021 और 2026 के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2024 के लोकसभा चुनाव में भी जीत मिलनी चाहिए थी। पार्टी की लगातार चुनावी हार के कारणों का विश्लेषण किया जाना चाहिए। उन्होंने महासचिव ईपीएस से जल्द से जल्द पार्टी की महासभा की बैठक बुलाने की मांग की है।
  • एस.पी. वेलुमणि ने मीडिया से अपील की कि यह अफवाह न फैलाई जाए कि उनका गुट पार्टी में विभाजन पैदा करना चाहता है। उन्होंने कहा, "हमारे कई बुजुर्ग पार्टी की स्थापना के समय से इसके साथ हैं।"

कितने विधायकों का समर्थन

सूत्रों के अनुसार, एआईएडीएमके के कुल 47 विधायकों में से करीब 30 षणमुगम-वेलुमणि गुट के साथ हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ये विधायक फोर्ट सेंट जॉर्ज (विधानसभा) पहुंचे जहां सदन की बैठक चल रही थी। यह घटनाक्रम तमिलनाडु की राजनीति में एआईएडीएमके के अंदर गहराते विभाजन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। टीवीके के नए सत्तारूढ़ होने के संदर्भ में यह समर्थन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तमिलनाडु से और खबरें

मुख्यमंत्री विजय का एक और फैसलाः 717 शराब की दुकाने बंद

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य में 700 से अधिक शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है और एक सरकारी नोटिस के अनुसार, आदेश को दो सप्ताह के भीतर लागू करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री विजय ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और बस स्टेशनों से 500 मीटर के दायरे में स्थित 717 शराब की दुकानों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। सरकार के मुताबिक धार्मिक स्थलों के पास स्थित 276 दुकानें, शैक्षणिक संस्थानों के पास स्थित 186 दुकानें और बस स्टैंड के पास स्थित 255 दुकानें पूरी तरह बंद होंगी।
अधिकारियों के मुताबिरक "वर्तमान में, तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) 4,765 शराब की रिटेल दुकानें संचालित कर रहा है। जिन दुकानों 717 दुकानों को बंद करने का आदेश हुआ है, वो इनमें शामिल है।