पिछले कुछ सालों में पत्रकारों पर हमलों की वारदात बढ़ी हैं। 2014-19 के दौरान पत्रकारों पर देश भर में 198 हमले हुए, 2019 में ही 36 पत्रकारों पर हमले किए गए। 2010 से अब तक कामकाज की वजह से निशाने पर लिए जाने के कारण 30 पत्रकार मारे गए हैं।
भारत में सत्ता प्रतिष्ठान पर उंगली उठाने वाले पत्रकार लगातार सरकार और सत्तारूढ़ दल के निशाने पर हैं। पिछले साल यानी 2020 में 67 पत्रकारों को उनके कामकाज की वजह से गिरफ़्तार किया गया या उन्हें हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ की गई।