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ताबड़तोड़ हत्याओं से थर्राया यूपी, योगी की पुलिस आंदोलनकारियों को पकड़ने में व्यस्त!

उत्तर प्रदेश में भयमुक्त समाज और अपराध मुक्त प्रदेश के नारे के साथ सत्ता में आयी योगी सरकार की चूलें ताबड़तोड़ हो रही हत्याओं ने हिला दी है। अकेले गुरुवार और शुक्रवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में आठ पुलिसवालों सहित डेढ़ दर्जन लोग मारे जा चुके हैं। जीरो टॉलरेंस और सख़्त क़ानून-व्यवस्था का राग अलापती यूपी पुलिस के पास काम के नाम पर कुछ महीनों पहले नागरिकता क़ानून के विरोध में हुए आंदोलन में शामिल लोगों की गिरफ्तारी ही है। कानपुर में हुई आठ पुलिस वालों की नृशंस हत्या से प्रदेश भर में लोगों में ग़ुस्सा है। राजधानी लखनऊ में लॉकअप में युवक ने प्रताड़ना से तंग आकर शुक्रवार को फाँसी लगा ली है। प्रयागराज, गाज़ियाबाद, महोबा, अमरोहा में बीते 24 घंटों के भीतर हत्याओं की जानकारी सामने आयी है। कानपुर में जिस तरह पुलिस के आला अधिकारियों समेत सिपाहियों की हत्या हुई है उसने साबित कर दिया है कि किस तरह अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

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अपराधों में ज़बरदस्त तेज़ी

शुक्रवार तड़के कानपुर के विकरु गाँव में हुए जघन्य नरसंहार में आठ पुलिस वालों की मौत की ख़बर के साथ ही प्रयागराज में गुरुवार देर रात 4 लोगों की हत्या कर की ख़बर आई। प्रयागराज के होलागढ़ थाना क्षेत्र के देवापुर में रहने वाले एक ही परिवार के 4 लोगों की धारदार हथियार से हत्या की गयी जबकि एक घायल है। इसी दिन अमरोहा में युवक की गोली मार कर हत्या की दी गई तो गाज़ियाबाद में पिता और 8 साल की बच्ची की हत्या की गयी है। बुंदेलखंड के ज़िले महोबा में बेटे ने पिता को मौत के घाट उतार दिया है। वहीं महोबा में ही पेरोल पर छूटे एक क़ैदी की भी हत्या कर दी गयी। राजधानी लखनऊ में उमेश नामक व्यक्ति ने लॉकअप में फाँसी लगा ली। उमेश को चोरी के आरोप में गोमतीनगर विस्तार थाने की पुलिस पकड़ कर थाने लाई थी। इलाज के दौरान लोहिया अस्पताल में उमेश की मौत हुई। फाँसी लगाने की यह घटना गोमतीनगर विस्तार थाने के लॉकअप में हुई है।

सीएए प्रदर्शनकारियों की गिरफ़्तारी

लगातार बढ़ रहे अपराधों के बीच यूपी पुलिस अपराधियों पर अंकुश लगाने के बजाय इन दिनों नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों की गिरफ्तारियाँ कर अपनी पीठ थपाथपा रही थी। अकेले राजधानी पुलिस ने बीते एक सप्ताह में तीन दर्जन सीएए प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है जिनमें यूपी कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शहनवाज़ आलम भी शामिल हैं। 

गुरुवार को ही प्रदेश सरकार ने बाक़ायदा फ़ोटो जारी कर बताया कि सीएए विरोधी प्रदर्शन हिंसा में शामिल लोगों की संपत्तियाँ ज़ब्त करने व नीलाम करने का अभियान कितना सफल है।
इसके अलावा बड़े पैमाने पर यूपी पुलिस इन दिनों ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों और मास्क वगैरह पहनने पर महामारी एक्ट में चालान करने में व्यस्त है।

कानपुर पहुँचे योगी

कानपुर में हुई घटना की सूचना के बाद मुख्यमंत्री ने अपना शुक्रवार का बरेली दौरा रद्द कर दिया और पुलिस विभाग सहित अन्य बड़े अधिकारियों की बैठक बुला ली। मुख्यमंत्री कानपुर गए जहाँ उन्होंने पुलिस लाइन में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। बैठक के बाद पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री का आदेश है कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले। अपर पुलिस महानिदेशक अपराध और महानिरीक्षक एसटीएफ़ कानपुर में कैंप कर रहे हैं। ऑपरेशन विकास दुबे के लिए यूपी पुलिस ने पूरी ताक़त झोंक दी है। अब तक पाँच हज़ार पुलिस वालों को इस ऑपरेशन में लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऑपरेशन विकास दुबे ख़त्म होने तक अधिकारी घटनास्थल पर ही कैंप करें।

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बढ़ते अपराध पर विपक्ष हमलावर

कानपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में हिंसा की वारदातों पर विपक्ष ने योगी सरकार पर करारा हमला बोला है। सबसे पहले प्रियंका गाँधी ने ट्वीट कर कहा कि बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस पर बदमाशों ने अंधाधुंध फ़ायरिंग कर दी जिसमें यूपी पुलिस के सीओ, एसओ सहित 8 जवान शहीद हो गए। उन्होंने कहा, ‘यूपी में क़ानून व्यवस्था बेहद बिगड़ चुकी है, अपराधी बेखौफ हैं। आमजन व पुलिस तक सुरक्षित नहीं है। कानून व्यवस्था का ज़िम्मा खुद सीएम के पास है। इतनी भयावह घटना के बाद  उन्हें सख़्त  कार्यवाही करनी चाहिए। कोई भी ढिलाई नहीं होनी चाहिए।’ फिर उसके बाद प्रयागराज की घटना पर उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा,  

कानपुर की भयावह घटना की ख़बर आई ही थी कि प्रयागराज में एक परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई। गाजियाबाद में पिता-पुत्री की हत्या कर दी गई। उत्तर प्रदेश में अपराधियों का इस तरह हावी हो जाना असामान्य है। इस जंगलराज को देखते हुए जवाबदेही तो फिक्स करनी ही होगी।


प्रियंका गाँधी

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि यूपी की बीजेपी सरकार पोल पट्टी खुलने के डर से मुख्य अपराधी को न पकड़ कर छोटी मोटी मुठभेड़ दिखाकर नाटक कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस का मनोबल और गिरेगा और लोगों में आक्रोश बढ़ेगा। वहीं मायावती ने मारे गए पुलिस कर्मियों के लिए मुआवज़े की माँग करते हुए कहा कि यूपी सरकार को क़ानून व्यवस्था के मामले में और अधिक चुस्त दुरुस्त होने की ज़रूरत है और विशेष अभियान चलाकर अपराधियों से निपटना होगा। राहुल गाँधी ने कहा, ‘यूपी में गुंडाराज का एक और प्रमाण। जब पुलिस सुरक्षित नहीं, तो जनता कैसे होगी? मेरी शोक संवेदनाएँ मारे गए वीर शहीदों के परिवारजनों के साथ हैं और मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।’

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कुमार तथागत
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