मेरठ बीजेपी के खिलाफ विकुल चपराना का मामला गरमा उठा है। यहां के काज़ीपुर में रविवार को गुर्जर समाज के सदस्यों ने एक महापंचायत आयोजित कर व्यापारी मारपीट मामले में बीजेपी नेता विकुल चपराना के खिलाफ सरकार की "एकतरफा" कार्रवाई की निंदा की। समाज ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया। चपराना, जो भारतीय किसान मोर्चा (बीजेपी की इकाई) के मेरठ जिला उपाध्यक्ष हैं और निलंबित किए जा चुके हैं, गुर्जर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
यह मामला 19 अक्टूबर को तेजगढ़ी में एक कार पार्किंग विवाद को लेकर हुआ, जिसमें चपराना और उनके तीन सहयोगियों ने स्थानीय हथकरघा व्यापारी सत्यम रस्तोगी पर हमला किया और उन्हें जमीन पर नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

बीजेपी नेताओं को गांव में घुसने नहीं देंगेः महापंचायत

महापंचायत में चपराना, जो इस मामले में मुख्य आरोपी है, और उसके तीन सहयोगियों के समर्थन में एक प्रस्ताव पारित किया गया। समाज ने धमकी दी कि यदि चपराना और उनके साथियों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो वे बीजेपी के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। महापंचायत में शामिल राहुल गुर्जर ने पत्रकारों से कहा, "सरकार की एकतरफा कार्रवाई से गुर्जर समाज आहत है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम बीजेपी नेताओं का बहिष्कार करेंगे और उन्हें हमारे इलाकों में प्रवेश करने से रोकेंगे।"
अखिल भारतीय गुर्जर समाज के अध्यक्ष रवींद्र सिंह गुर्जर ने कहा, "घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। दोनों पक्ष इसके लिए समान रूप से ज़िम्मेदार थे, लेकिन सज़ा सिर्फ़ एक पक्ष को मिली क्योंकि चपराना गुर्जर है। उसे ज़मानत मिल गई, लेकिन भाजपा नेता अंदरूनी कलह के चलते अपने ही साथी के ख़िलाफ़ राजनीति करने लगे। पहले गिरफ़्तार किए गए तीन युवक छात्र हैं और उन्हें भी तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।" उन्होंने धमकी देते हुए कहा, "हम गुर्जर बहुल गाँवों में पोस्टर लगाएँगे, जिनमें भाजपा नेताओं के वहाँ प्रवेश पर रोक होगी।"
रस्तोगी ने बताया कि वे अपने दोस्त के साथ एक रेस्तरां गए थे, जहां उनके दोस्त ने अपनी कार स्थानीय बीजेपी विधायक और ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर के कार्यालय के बाहर पार्क की थी। रस्तोगी ने कहा, "जब हम वापस आए, तो चपराना की कार हमारी कार के ठीक पीछे खड़ी थी। हमने उनसे कार हटाने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने गालियां देना शुरू कर दिया और मेरे साथ मारपीट की। उन्होंने मेरी कार का शीशा भी तोड़ दिया।"

चपराना गिरफ्तार लेकिन फौरन ज़मानत

चपराना के सहयोगी हैप्पी भडाना, सुबोध यादव और आयुष शर्मा को स्थानीय व्यापारी संगठन के विरोध की धमकी के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में चपराना को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, लेकिन उसी दिन उन्हें जमानत मिल गई। वायरल वीडियो में चपराना को यह कहते सुना गया, "सोमेंद्र तोमर मेरा भाई है और तुम्हारा बाप है।"

व्यापारी समुदाय और स्थानीय लोगों में बढ़ते गुस्से के बीच पुलिस ने शुक्रवार को चपराना को फिर से गिरफ्तार किया। उन पर नागरिक का अपमान करने, कानून को अपने हाथ में लेने और शांति भंग करने का आरोप लगाया गया। उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मेरठ सांसद गोविल ने चपराना की हरकत की निन्दा की

सरकार ने स्थानीय पुलिस स्टेशन प्रभारी शीलेश कुमार यादव को निलंबित कर दिया और सब-इंस्पेक्टर गौरव सिंह और कांस्टेबल चेतन सिंह व बृजेश कुमार को सक्रिय ड्यूटी से हटा दिया। सूत्रों के अनुसार, ये पुलिसकर्मी उस समय मौके पर मौजूद थे जब रस्तोगी को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जा रहा था। रस्तोगी समुदाय, जो समाज का एक शक्तिशाली और संपन्न वर्ग है, को शांत करने के लिए मेरठ सांसद अरुण गोविल और अन्य बीजेपी नेताओं ने चपराना की कार्रवाई की निंदा की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।