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ज्ञानवापी: सर्वे रिपोर्ट हुई लीक, ओवैसी ने उठाए सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे की रिपोर्ट लीक हो गई है। इस रिपोर्ट से कई बातें निकल कर सामने आई हैं। कोर्ट के द्वारा नियुक्त कमिश्नर विशाल सिंह ने गुरुवार को अदालत में अपनी रिपोर्ट जमा कर दी थी।

विशाल सिंह ने कहा है कि उन्होंने इस रिपोर्ट को बिना किसी भेदभाव के तैयार किया है और सभी के दावों को इसमें जगह दी है। 

रिपोर्ट के लीक होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 

यह रिपोर्ट 19 पन्नों की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिद के अंदर तहखानों के खंभों पर पान और फूल की आकृति है। दीवार के पत्थरों पर त्रिशूल और कलश के निशान हैं। इसके अलावा स्टोर रूम की दीवारों पर त्रिशूल की आकृति के निशान होने की बात भी सर्वे की रिपोर्ट में कही गई है।

रिपोर्ट कहती है कि तहखाने में एक स्तंभ में प्राचीन हिंदी भाषा में कुछ लिखा हुआ मिला है।

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बता दें कि वाराणसी की निचली अदालत द्वारा इस मामले में दायर याचिका के बाद अदालत की ओर से मस्जिद के भीतर सर्वे कराने का आदेश दिया गया था।

सर्वे टीम को मस्जिद की पश्चिमी दीवार पर दो बड़े खंबे भी मिले हैं। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मंदिर के अवशेष हैं लेकिन मस्जिद कमेटी ने उनके दावे का विरोध किया है।

Gyanvapi Mosque survey report - Satya Hindi

मस्जिद के केंद्रीय गुंबद के नीचे एक संरचना भी मिली है। इसके अलावा मस्जिद के तीसरे गुंबद के नीचे एक पत्थर पर कमल की नक्काशी मिली है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि मस्जिद परिसर में स्थित तालाब में 5 फीट ऊंची एक संरचना मिली है। याचिकाकर्ताओं ने इसे शिवलिंग कहा है लेकिन मस्जिद कमेटी का कहना है कि यह फव्वारा है।

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सर्वे कमेटी की रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में अदालत में जमा की गई थी। इसके बाद भी यह रिपोर्ट लीक कैसे हो गई इस पर सवाल उठ रहे हैं।

एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि सर्वे की रिपोर्ट को जान जानबूझकर लीक किया गया है। ओवैसी ने फिर कहा कि मस्जिद में सर्वे का होना पूजा स्थल अधिनियम 1991 का पूरी तरह उल्लंघन है।

इस मामले में मुस्लिम पक्ष के वकील रईस अहमद अंसारी ने कहा है कि सर्वे में मिली तमाम चीजों को अब अदालत में देखा जाना है।

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