हरि जाटव उर्फ भोले बाबा
हाथरस कांड को लेकर टाइम्स ऑफ इंडिया ने एसआईटी रिपोर्ट के हवाले से जो खबर प्रकाशित की है, उसमें कहा गया है कि भोले बाबा के राजनीतिक संपर्कों का जिक्र रिपोर्ट में है और उन राजनीतिक चेहरों की पहचान भी की गई है। रिपोर्ट में चुनाव के दौरान भोले बाबा और उसके राजनीतिक संपर्कों की भूमिका का भी जिक्र है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर ने राजनीतिक दलों से फंड लेने के लिए संपर्क साधा था। उसने सत्संग आयोजन के नाम पर फंड मांगा था। बता दें कि मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर भोले बाबा का सबसे नजदीकी आदमी है। लेकिन ताज्जुब है कि भोले बाबा की सीधी भूमिका पर रिपोर्ट चुप है। सवाल यही है कि आखिर एसआईटी ने भोले बाबा का भी बयान क्यों नहीं लिया, जिसकी आंखों के सामने यह घटना हुई और उसके बाद वो वहां से चला गया।