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बौखलाई योगी सरकार, आप सांसद संजय सिंह पर लगाया राजद्रोह का मुक़दमा

योगी सरकार के ख़िलाफ़ लगातार आवाज़ उठा रहे आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर राजद्रोह की धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है। संसद का सत्र चल रहा है और यूपी पुलिस ने उन्हें बीच में ही समन भेजकर बुला लिया है। संजय सिंह पर जाति आधारित सर्वे करा कर प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कई संगीन धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर दिया गया है। संजय सिंह को 20 सितंबर को बुलाया गया है। 

यह मुक़दमा राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज किया गया है और संजय सिंह को 41 (ए) के तहत नोटिस भेजा गया है। बीते एक महीने में संजय सिंह पर अलग-अलग शहरों में अब तक कुल 13 मुक़दमे दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि संजय सिंह बीते महीने प्रदेश सरकार को धता बताकर विधानसभा के सत्र के दौरान सदन में पहुंच गए थे और राज्यपाल दीर्घा में बैठ कर कार्यवाही देखी थी। 

संजय सिंह और आप की तेजी से परेशान योगी सरकार ने पार्टी के राज्य मुख्यालय के दफ्तर को भी खाली करा दिया है। गुरुवार को बेरोजगारी को लेकर आप ने प्रदेश के कई शहरों में जोरदार प्रदर्शन किया था।
राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज किए जाने के बाद संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना घोटाले का मुद्दा राज्य सभा में उठाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके ऊपर “देशद्रोह” का मुक़दमा लगा दिया है। 

जातिगत सर्वे से नाराज हैं योगी 

कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश में टेलीफोन पर लोगों के बीच एक सर्वे कराया गया था जिसमें लोगों से योगी सरकार के जातिवादी रवैये पर राय मांगी गयी थी। आप सांसद संजय सिंह ने इस सर्वे को अपनी ओर से कराए जाने की जानकारी देते हुए बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर इसके नतीजों का खुलासा किया था। 

संजय सिंह ने योगी सरकार को ब्राह्मण विरोधी करार देते हुए एक जाति विशेष के पक्ष में काम करने वाला बताया था। इस सर्वे को लेकर कुपित सरकार ने पुलिस से इसकी छानबीन करने को कहा था। सर्वे में सामने आए नंबर 744717843 की छानबीन से पता चला कि यह संजय सिंह ने ही कराया है। इसके बाद मुक़दमा दर्ज कर संजय सिंह को 41 (ए) के तहत नोटिस भेजा गया था।

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सदन की अवमानना है नोटिस

संसदीय मामलों के जानकारों का कहना है कि इस समय जबकि संसद का सत्र चल रहा है तो एक सांसद को इस तरह से पूछताछ के लिए बुलाना न केवल गलत है बल्कि सदन का अवमानना की श्रेणी में आता है। जानकारों का कहना है कि नोटिस भेजने वाले दारोगा को पता ही नहीं है कि संसद सत्र के दौरान किसी सांसद पर आने के लिए ऐसा दबाव बनाने पर वे ही नहीं बल्कि लखनऊ पुलिस कमिश्नर तक विशेषाधिकार हनन के लपेटे में आ सकते हैं। 

सांसद संजय सिंह ने अपने ऊपर की गयी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणियों पर पहले ही राज्यसभा को शिकायत भेज रखी है। विधानसभा सत्र के दौरान संजय सिंह के सदन में जाने पर योगी ने उन्हें नमूना कहा था।

योगी सरकार ने की मुक़दमों की बौछार 

आप सांसद संजय सिंह पर योगी सरकार की पुलिस ने दर्जनों मुक़दमे दर्ज करा दिए हैं। इन्हें सात अलग-अलग शहरों में दर्ज कराया गया है। ताजा मुक़दमा हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराया गया है जिसमें उन पर 153 ए, 153 बी, 505, 66 धाराएं लगायी गयी हैं। 

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पहले भी उन पर संगीन धाराओं में मुक़दमे दर्ज किए गए हैं। प्रदेश में कहीं भी अत्याचार की घटना होने पर पीड़ितों से मिलने जाने पर आप सांसद संजय सिंह को रोका जाता रहा है। संजय सिंह को अब तक पुलिस पांच बार हिरासत में ले चुकी है हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता रहा है। गुरुवार को आप के प्रदर्शन में भी पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था।

कोरोना घोटाले पर मुखर हैं संजय 

संजय सिंह को आप ने उत्तर प्रदेश का प्रभारी बना कर भेजा है। प्रदेश में आप का कोई जनाधार न होने के बाद भी संजय सिंह ने आते ही तेजी दिखायी और सीधे योगी सरकार पर हमला बोलना शुरू किया। प्रदेश में ब्राह्मणों के साथ ही अन्य वर्गों के लोगों के साथ हो रहे कथित अत्याचारों पर वो काफी मुखर रहे हैं। 

कोरोना काल में जिले-जिले में हुए घोटाले को उठाने वाले वो पहले लोगों में हैं। आप ने कोरोना किट खरीद में हुए घोटाले को लेकर प्रदेश भर में प्रदर्शन करते हुए सीबीआई जांच के लिए चिट्ठी भेजी थी।

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कुमार तथागत
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