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चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ फूटा लोगों का गुस्सा, शाहजहाँपुर में विरोध प्रदर्शन

शाहजहाँपुर में अपने ही लॉ कॉलेज की छात्रा के बलात्कार, यौन शोषण और धमकाने के आरोपों में फँसे स्वामी चिन्मयानंद की मुसीबतें बढ़ गयी हैं। चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ लोगों का ग़ुस्सा फूट पड़ा। 
पीड़िता के पक्ष में पहली बार शाहजहाँपुर के नौजवान  सड़कों पर उतर आए। शाहजहाँपुर शहर में दो अलग-अलग जगहों पर लोगों ने सड़क पर उतर कर स्वामी चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर उनकी गिरफ्तारी की माँग की। लोगों का कहना है कि आए दिन विवादों में रहने वाले स्वामी को प्रशासन ने खुली छूट दे रखी है। उनका कहना था कि छात्रा के बयान और तमाम सबूतों के सामने आ जाने के बाद स्वामी की गिरफ़्तारी में एक पल भी देर नही होनी चाहिए। लोगों में चिन्मयानंद के पक्ष में खड़े होने वाले स्वामी ओम के ख़िलाफ़ भी गुस्सा साफ़ नज़र आया। रविवार को स्वामी ओम ने चिन्मयानंद के पक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीड़िता, उसके वकीलों  और न्यायाधीशों को सीआईए का एजेंट और नक्सली बताया था। 
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पीड़िता का बयान दर्ज

पीड़ित छात्रा  ने सोमवार को अदालत में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया। उन्होंने अदालत को ढाई घंटे तक  आपबीती सुनाई, जिसमें चिन्मयामनंद की करतूतों का पूरा ब्योरा शामिल है। अदालत में अपने बयान दर्ज कराते समय छात्रा कई बार बुरी तरह रो पड़ी। उन्होंने अपनी जान का भी ख़तरा बताया। 
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सोमवार सुबह 11.40 बजे कड़ी सुरक्षा में पीड़िता को अदालत पहुँचाया,  जहाँ मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज हुआ। इससे पहले पीड़िता ने एसआईटी की पूछताछ में ही चिन्मयानंद के करतूतों की दास्तान की 35 सीडी सौंपी थी। इन सीडी में चिन्मयानंद के बीते एक साल के तमाम कहानियाँ क़ैद हैं। 
पीड़िता ने एसआईटी की सुऱक्षा में अदालत में 164 के तहत अपने बयान दर्ज कराते हुए स्वामी सुखदेव लॉ कालेज में अपने प्रवेश के दिन से लेकर अब तक की पूरी दास्तान सुनाई और चिन्मयानंद के शोषण की पूरी कहानी भी। पीड़ित छात्रा अदालत में अपने बयान दर्ज कराते समय कई बार टूट गयी और रोने लगी।
छात्रा ने बताया कि न केवल उसके व परिवार बल्कि उसकी मदद कर रहे लोगों को भी स्वामी के आदमियों से ख़तरा है। छात्रा के बयान के बाद माना जा रहा है कि स्वामी चिन्मयानंद की कभी भी गिरफ़्तारी हो सकती है। 

चिन्मयानंद से पूछताछ

स्वामी चिन्मयानंद को रविवार को भी शाहजहाँपुर में एसआईटी के दफ्तर पर  बुलाया गया था। माना जा रहा था कि चिन्मयानंद और पीड़िता को आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की जाएगी, पर एसा नही हुआ। दोनों से अलग-अलग ही पूछताछ की गयी। लेकिन, चिन्मयानंद और छात्रा के दोस्त संजय सिंह को सामने बैठाकर पूछताछ की गयी। इसके अलावा स्वामी सुखदेव लॉ कालेज के प्रधानाचार्य अवनीश मिश्रा से भी पूछताछ की गयी।

बीजेपी ने किया किनारा

उधऱ भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि शीर्ष स्तर से भी चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ कारवाई की छूट दी गयी है। उन पर क़ानून के तहत किसी भी तरह की कारवाई से भाजपा के कोई गुरेज नही हैं।
चिन्मयानंद को लेकर हो रहे नित नए खुलासे व वायरल हो चुके वीडियो ने भारतीय जनता पार्टी को असहज कर दिया है। भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने इस मामले में केंद्रीय नेताओं से बात करने के बाद सभी को इस मामले से किनारा कर लेने को कहा है।
भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहना है स्वामी चिन्मयानंद के मामले में क़ानून को अपना काम करने दिया जाए और एसआईटी को सबूत मिलने के बाद कड़ी कारवाई करनी चाहिए। भाजपा में स्वामी चिन्मयानंद के पक्ष में खड़े होने वाले लोग भी अब चुप्पी साध गए हैं। 
भाजपा प्रवक्ताओं को इस मामले में कोई भी बयान देने से मना कर दिया गया है। सोमवार को बार-बार पूछे जाने पर भाजपा यूपी के नेताओं ने इस मामले में कानून और पुलिस की कारवाई की बात ही कही है। 
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