न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कौशलेंद्र ने कहा, ‘दुबे के लोग पूरी तरह तैयार थे। सभी लोग सेमी ऑटोमैटिक हथियारों से लैस थे और वे तकरीबन 15-20 लोग थे। दूसरी ओर, हमारे पास असलहा तक नहीं था।’
विकास दुबे बेहद शातिर बदमाश है। उसका नाम पहली बार चर्चा में तब आया था, जब उसने 2001 में उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की पुलिस थाने के अंदर हत्या कर दी थी।