यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट में 84 लाख नए नाम जुड़ने के बावजूद कुल संख्या 2 करोड़ कम कैसे हो गई? SIR प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों और पूरे गणित को समझिए।
बिहार एसआईआर पटना और मधुबनी में सबसे ज्यादा मतदाता नाम हटाए गए
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया में कम से कम चार बार तारीखें आगे बढ़ाए जाने के बाद शुक्रवार को आख़िरकर फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई। SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद से अब तक मतदाता सूची में दो करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं की संख्या कम हो गयी है। ऐसा तब है जब ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद क़रीब 84 लाख नये नाम जोड़े गए हैं। यदि आप नहीं समझ पाए कि 84 लाख नाम जोड़े तो फिर 2 करोड़ से ज़्यादा नाम कैसे कट गये, तो आइए, आपको पूरा मामला समझाते हैं।
यूपी में मतदाताओं की स्थिति
दरअसल, उत्तर प्रदेश में SIR शुरू होने से पहले कुल मतदाताओं की संख्या 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 थी। यह आँकड़ा 27 अक्टूबर 2025 की मतदाता सूची का है, जब SIR की प्रक्रिया की घोषणा हुई थी। SIR के दौरान ड्राफ्ट लिस्ट 6 जनवरी को आई। इनमें से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए। चुनाव आयोग ने बताया कि ये या तो मृतक थे, स्थानांतरित यानी कहीं चले गये थे या फिर डुप्लिकेट एंट्री थी। ड्राफ्ट लिस्ट में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता बचे थे। अब फाइनल वोटर लिस्ट जारी हुई तो क़रीब 84 लाख नये नाम जुड़ गए और इस तरह मतदाताओं की संख्या अब 13 करोड़ 39 लाख 84 हज़ार 792 हो गयी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने शुक्रवार को लखनऊ के लोक भवन मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फाइनल वोटर लिस्ट की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह विशेष संशोधन अभियान 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चला। इस दौरान पूरे प्रदेश के 75 जिलों, 403 विधानसभा क्षेत्रों और सभी बूथों को कवर किया गया।
कौन से मतदाता बढ़े?
चुनाव आयोग के अनुसार 18-19 साल के युवा मतदाताओं की संख्या ड्राफ्ट सूची में 3 करोड़ 33 लाख 9 सौ 81 थी। लेकिन अब यह बढ़कर 17 लाख 63 हज़ार 3 सौ 60 हो गई है। यानी 14 लाख 29 हज़ार 379 नए युवा मतदाता जुड़े।
फाइनल सूची में जो 84 लाख 28 हज़ार 767 मतदाता बढ़े हैं उनमें नए पुरुष वोटर 42 लाख 27 हज़ार 902 हैं जबकि नई महिला वोटर 42 लाख 778 हैं।
किन जिलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी?
प्रयागराज में सबसे ज्यादा 3 लाख 29 हज़ार 421 नए वोटर बढ़े। इसके बाद लखनऊ में 2 लाख 85 हज़ार 961, बरेली में 2 लाख 57 हज़ार 920 से ज्यादा, गाजियाबाद में 2 लाख 43 हज़ार 666 और जौनपुर में 2 लाख 37 हज़ार 590 मतदाता बढ़े हैं।
कई बार तारीखें बढ़ाईं तब इतने नाम जुड़े
राज्य में SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम जोड़ने, सुधार करने या आपत्ति दर्ज करने की तारीखें कई बार बढ़ाई गईं। बीएलओ द्वारा घर-घर फॉर्म भरने के लिए अक्टूबर-नवंबर में शुरू हुआ और इसकी अवधि 11 दिसंबर 2025 तक थी। ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन 16 दिसंबर 2025 तय थी।
उत्तर प्रदेश से और ख़बरें
पहला बड़ा बदलाव: गणना प्रक्रिया को बढ़ाकर 26 दिसंबर 2025 तक कर दिया गया। ड्राफ्ट सूची प्रकाशन की तारीख 31 दिसंबर 2025 कर दी गई।
दूसरा बदलाव: ड्राफ्ट सूची प्रकाशन आगे बढ़ाकर 6 जनवरी 2026 कर दिया गया। दावे-आपत्तियों की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक। और अंतिम सूची प्रकाशन की तिथि 6 मार्च 2026 तय की गई।
तीसरा बदलाव: दावे-आपत्तियों की अंतिम तारीख एक महीना बढ़ाकर 6 मार्च कर दी गई। यह राजनीतिक दलों की मांग पर किया गया। नोटिस चरण और निस्तारण का समय 27 मार्च 2026 तक और अंतिम सूची प्रकाशन की तिथि 6 मार्च पर ही थी।
चौथा बदलाव: दावे-आपत्तियों का निस्तारण 27 मार्च 2026 तक पूरा किया गया। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी गई।