२०२१ यानी एक पूरा साल जो २०२० के घावों को भरने की कोशिश करता रहा मगर भर नहीं पाया। जनवरी में जिन चिंताओं के साथ यह साल शुरू हुआ था, साल के अंत में भी वो करीब करीब वैसे ही सामने खड़ी हैं या फिर एक बार खत्म होने के बाद वापस सिर उठाती दिख रही हैं। इतना ही नहीं, समाज के बीच कुछ ऐसी प्रवृत्तियां लगातार सिर उठाती दिख रही हैं जो आनेवाले समाज के लिए कोरोना से भी गंभीर सामाजिक संकट खड़ा कर सकती हैं। क्या हैं 2021 के सबसे बड़े सबक?
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