राहुल गाँधी पिछले कुछ समय से विशेषज्ञों और जाने-माने लोगों से बातचीत कर रहे हैं। सवाल उठता है कि इस बातचीत का मक़सद क्या है और इससे उन्हें और उनकी पार्टी को क्या फ़ायदा हो सकता है? पेश है वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार का विश्लेषण-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























