बीएचयू के 1977-78 में छात्रसंघ अध्यक्ष और फ़ाइन आर्ट्स के विद्यार्थी रहे चंचल आज हमारे स्टूडियो में आए। चंचल ने जेएनयू विवाद से लेकर देश भर के तमाम मुद्दों पर राय रखी। इन्हीं मुद्दों पर देखिए 'शीतल के सवाल' में राजकमल प्रकाशन की हज़ारों पुस्तकों के कवर पृष्ठ का रेखांकन करने और चित्रकार चंचल के साथ चर्चा।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।

























