संदेह व्यक्त किए जा रहे हैं कि उत्तरप्रदेश पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे को फर्ज़ी एनकाउंटर में मार डाला है। सवाल उठता है कि उसे मारा गया है तो क्यों? उसकी मौत से किसको फ़ायदा होगा और क्या इस तरह से बिना न्यायिक प्रक्रिया के किसी को मारना उचित है? पेश है वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























