जाति-आधारित जनगणना की माँग का औचित्य क्या है? मोदी सरकार उसके लिए क्यों तैयार नहीं है? प्रो. मुकेश कुमार बात कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार प्रो. दिलीप मंडल से-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























