मोदी सरकार ने पीएम केयर्स फंड की जाँच एक स्वतंत्र एजंसी से कराने की बात कही थी, लेकिन इसके लिए जिस कंपनी को नियुक्त किया गया है उसके बीजेपी और संघ से करीबी संबंध हैं। ऐसे में ये संदेह और गहरे हो गए हैं कि सरकार सचमुच में जाँच करवाना चाहती है या फिर गड़बड़ियों को छिपाना। वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।
























