जोशीमठ पर सरकार अब जागी। लेकिन यह देर क्या अंधेर नहीं है? और अदालत की आंख अब भी नहीं खुली? देवभूमि का द्वार खतरे के मुहाने पर कैसे पहुंचा? कैसे बच पाएगा? आलोक जोशी के साथ जोशीमठ के एक्टिविस्ट अतुल सती।
लेखक सीएनबीसी आवाज़ के पूर्व संपादक हैं, आर्थिक मामलाों के विशेषज्ञ हैं और समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।





















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