बंगाल के बारुईपुर में भी एनकाउंटर की वही कहानी! पुलिस मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को क्राइम सीन पर ले गई। पुलिस का दावा है कि वहां उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर एक राउंड फायर किया और भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की।
रेप मर्डर के आरोपी का एनकाउंटर
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की शुभेंदु अधिकारी सरकार की पुलिस ने बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के कथित गैंगरेप और हत्या के मुख्य आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराया है। यहाँ भी एनकाउंटर की वही कहानी सामने आई है! क्राइम सीन रिक्रिएट करना, आरोपी को रात में घटना स्थल पर ले जाना, पुलिस का हथियार छीनकर आरोपी का भागने की कोशिश करना और फिर पुलिस का बचाव में गोली चलाना। और कहानी ख़त्म! पुलिस ने दावा किया है कि मामले का मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल मंगलवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
इस वीभत्स घटना के बाद बीजेपी की शुभेंदु अधिकारी सरकार पर जबर्दस्त दबाव था। सरकार पर क़ानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर बड़े सवाल उठ रहे थे और विपक्ष लगातार हमलावर था। टीएमसी ने दावा किया कि 'रामराज' लाने का दावा करने वाली बीजेपी सरकार के कुछ दिनों में ही महिला के ख़िलाफ़ ऐसी भयावह घटना घट गई। यह मामला पिछले कुछ दिनों से पूरे पश्चिम बंगाल में चर्चा का विषय बना हुआ है। बच्ची की हत्या के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। कई जगह प्रदर्शन हुए, सड़कें जाम की गईं और हिंसा की घटनाएँ भी सामने आईं।
आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनी
इस भारी दबाव के बीच ही एनकाउंटर की यह ख़बर आई। पुलिस के मुताबिक़, बारुईपुर थाने की टीम सोमवार देर रात क़रीब 12:45 बजे प्रभाष मंडल को सूरज्यापुर इलाके में लेकर गई थी, जहां बच्ची का शव बरामद हुआ था। पुलिस वहां वारदात की पूरी घटना को रिक्रिएट कर रही थी।
पुलिस का दावा है कि इसी दौरान प्रभाष मंडल ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्तौल छीन ली और पुलिस टीम पर एक राउंड फायरिंग कर दी। इसके बाद वह मौके से भागने की कोशिश करने लगा।
बंगाल पुलिस का कहना है कि आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें प्रभाष मंडल गोली लगने से घायल हो गया। उसे तुरंत बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिस तरह से बीजेपी शासित पश्चिम बंगाल में एनकाउंटर का यह मामला आया है, वैसे ही एनकाउंटर के मामले यूपी में लगातार आते रहे हैं और इसको लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। योगी सरकार खुलकर कहती रही है कि अपराधियों के प्रति उसकी 'ठोको' नीति है। पुलिस के एनकाउंटर के इन तौर-तरीकों पर सवाल उठते रहे हैं कि आख़िर एक अपराधी इतने सारे पुलिसकर्मियों के बीच कैसे किसी पुलिसकर्मी की पिस्तौल या हथियार छीन लेता है और भागने की कोशिश भी करने लगता है। सवाल यह भी उठता है कि एनकाउंटर में आख़िर गोली कमर के नीचले हिस्से में क्यों नहीं लगती है? ऐसे ही कई सवाल उठते रहे हैं।
तीन आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी
बहरहाल, बंगाल के इस रेप-मर्डर मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन पर नाबालिग बच्ची के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप है। बच्ची 4 जुलाई को लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव एक बोरे में बंद हालत में तालाब से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या, गैंगरेप और पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया। मामले की जाँच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी भी बनाया गया है।इलाके में भड़की थी हिंसा
बच्ची का शव मिलने के बाद बारुईपुर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी, टायर जलाए और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। इसी दौरान भीड़ ने इंद्रजीत मंडल नामक एक युवक को आरोपी समझकर पीट-पीटकर मार डाला। बाद में पुलिस जाँच में सामने आया कि वह इस अपराध में शामिल नहीं था।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि बच्ची के परिवार को न्याय मिलेगा और पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भीड़ द्वारा मार डाला गया इंद्रजीत मंडल निर्दोष था। उन्होंने कहा कि उसके परिवार को भी न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाया जाएगा।
पुलिस पर लगा लापरवाही का आरोप
पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि यदि पुलिस ने शिकायत दर्ज होते ही तुरंत तलाश शुरू कर दी होती तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि शनिवार रात करीब 9 बजे गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज की जांच या व्यापक सर्च अभियान शुरू नहीं किया।
इस पर मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता को पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच या लापता होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस की ओर से किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
200 लोगों की पहचान, होगी गिरफ्तारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति, पुलिस वाहनों और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले करीब 200 लोगों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा और किसी को भी कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।पीड़ित परिवार ने पुलिस चौकी की मांग की
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने सूरज्यापुर इलाके में स्थायी पुलिस चौकी बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी अगली यात्रा के दौरान नई पुलिस चौकी का उद्घाटन किया जाएगा। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा और अन्य सहायता देने का भी आश्वासन दिया गया है।
बच्ची लापता हुई थी, फिर शव मिला
बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची 4 जुलाई को लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव बोरे में बंद हालत में एक तालाब से मिला। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पूरे इलाके में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और एसआईटी का गठन किया। अब मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है।