पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आख़िर अमित शाह का कौन सा राज दबाए बैठी हैं? उनके पास अमित शाह की पेन ड्राइव कैसे आई और उसमें क्या सामग्री हो सकती है?
ममता बनर्जी के पास आख़िर अमित शाह का कौन सा राज है जिससे वह धमकी दे रही हैं? ममता ने ईडी की छापेमारी के खिलाफ निकाली गई बड़ी रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके पास पेन ड्राइव हैं, जिनमें कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े सबूत हैं। ममता ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र की एजेंसियां और सरकार ज्यादा दबाव डालेंगी तो वे सब राज खोल देंगी और पूरा देश दंग रह जाएगा।
ममता ने रैली में हजारों लोगों के सामने कहा, 'मेरे पास पेन ड्राइव हैं। मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी का सम्मान और देश के हित में चुप रही हूं। ज्यादा दबाव मत डालो। मैं सब कुछ खोल दूंगी। पूरा देश हैरान रह जाएगा। मेरे पास सबूत हैं, अगर हद पार की तो मैं पेन ड्राइव खोलकर सब सामने ला दूंगी।
अमित शाह पर सीधा हमला
ममता ने अमित शाह को बहुत ख़राब गृह मंत्री बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला तस्करी घोटाले का सारा पैसा आखिरकार अमित शाह तक पहुंचता है। ममता ने कहा, "कोयले का पैसा कौन लेता है? अमित शाह लेते हैं। यह पैसा 'गद्दारों' के ज़रिए जाता है। बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार 'डकैत' हैं, वह पैसा इकट्ठा करते हैं, फिर 'गद्दार' शुभेंदु अधिकारी के पास जाता है, और फिर अमित शाह तक पहुंचता है।"
ममता ने बीएसएफ और सीआईएसएफ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये फोर्सेस अवैध कोयला तस्करी क्यों नहीं रोक पातीं? उन्होंने कहा,
अगर हद को पार किया गया तो मैं पेन ड्राइव सार्वजनिक कर दूंगी। मैं सिर्फ एक हद तक सहन करती हूं। एक लक्ष्मण रेखा है। ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
ममता का यह बयान ईडी द्वारा टीएमसी की पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के सॉल्ट लेक ऑफिस और उसके निदेशक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट घर पर छापेमारी के बाद आया है। ईडी का दावा है कि यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है। एजेंसी ने कहा कि कोयला तस्करी से बने हवाला फंड्स आई-पैक तक पहुंचे और गोवा चुनाव में भी इस्तेमाल हुए।
ममता खुद पहुंचीं छापेमारी वाली जगह पर
छापेमारी के दौरान गुरुवार को ममता बनर्जी पुलिस और सहयोगियों के साथ आई-पैक ऑफिस और प्रतीक जैन के घर पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी उनके पार्टी के गोपनीय दस्तावेज, हार्ड डिस्क, उम्मीदवारों की लिस्ट और चुनावी रणनीति चुराने की कोशिश कर रहा था। ममता ने कुछ फाइलें, लैपटॉप और पेन ड्राइव लेकर बाहर निकलीं। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के दस्तावेज थे और ईडी इन्हें चुरा रहा था।
ईडी के आरोपों का जवाब देते हुए ममता ने कहा, 'मैंने कुछ गलत नहीं किया। मैं टीएमसी की अध्यक्ष के तौर पर गई थी। मेरे पास पार्टी की चुनावी रणनीति बचाने का पूरा अधिकार है। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा करना जरूरी था।'
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कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर वे सिर्फ पार्टी प्रमुख के रूप में गईं, तो आईएएस और आईपीएस अधिकारी उनके साथ कैसे गए? लेकिन ममता ने इसे सही ठहराया।
ईडी और बीजेपी का पलटवार
ईडी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें ममता बनर्जी पर छापेमारी में रुकावट डालने और सबूत हटाने का आरोप है। एजेंसी ने सीबीआई जांच की मांग की है। ममता बनर्जी की ओर से भी ईडी के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई है।
इधर, बीजेपी नेताओं ने ममता पर तीखा हमला बोला। अमित मलवीय ने कहा कि ममता ईडी से सबूत चुरा रही हैं ताकि आरोपी को बचाया जा सके। संबित पात्रा ने कहा कि इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने छापेमारी में दखल देकर सबूत हटाने की कोशिश की।
राजनीतिक तनाव बढ़ा
इस घटना से बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई है। टीएमसी ने दिल्ली में अमित शाह के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया, जिसमें कई सांसद हिरासत में लिए गए। टीएमसी इसे राजनीतिक बदला बता रही है, जबकि बीजेपी इसे कानूनी कार्रवाई कह रही है।
कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई 14 जनवरी को होगी। टीएमसी ने राज्य में ब्लॉक-वार्ड स्तर पर विरोध मार्च की योजना बनाई है। 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह विवाद बड़ा मुद्दा बन गया है। ममता का यह बयान केंद्र-राज्य टकराव को और बढ़ा रहा है। अब देखना है कि क्या ममता वाकई पेन ड्राइव खोलती हैं या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है।