टीएमसी सांसद मिताली बाग पर कथित हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। टीएमसी ने अमित शाह और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टीएमसी ने आख़िर इस घटना को अमित शाह से कैसे जोड़ा?
टीेएमसी मिताली बाग का हमले का आरोप
टीएमसी सांसद मिताली बाग पर कथित तौर पर हमला हुआ और पार्टी ने इसे अमित शाह की 'उल्टा लटकाने' वाली धमकी का नतीजा बता दिया। तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी की अरामबाग सांसद मिताली बाग ने आरोप लगाया कि 'बीजेपी के गुंडों' ने उनके वाहन पर हमला किया और पत्थर फेंके। यह घटना सोमवार को हुगली जिले के गोगहाट इलाक़े में हुई, जब वे पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की रैली में जा रही थीं। टीएमसी ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने मंच से धमकी दी थी कि घर से बाहर निकलने वालों को उल्टा लटका दिया जाएगा। इसने कहा कि आज उसी धमकी को भाजपा के 'गुंडों' ने अमल में लाया। पार्टी ने इसे सांसद की जान पर हमला बताया और अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया।
मिताली बाग के आरोप
मिताली बाग ने फेसबुक लाइव में रोते हुए बताया कि उनका वाहन बीजेपी उम्मीदवार प्रशांत दिगार के चुनाव कार्यालय के पास से गुजर रहा था। तभी लाठी-डंडे लेकर बैठे बीजेपी कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोक लिया और उनके गाड़ी पर पत्थर फेंके। गाड़ी की खिड़कियां और विंडशील्ड टूट गईं। मिताली बाग सामने की सीट पर बैठी थीं, जबकि पीछे उनकी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता थे। टीएमसी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से बाग की गाड़ी के वीडियो और तस्वीरें साझा की हैं जिनमें गाड़ी के कांच के शीशे टूटे दिख रहे हैं।मिताली बाग ने खुद को दलित महिला बताते हुए कहा, 'मैं बागड़ी समुदाय से हूं। भाजपा महिलाओं की सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन एक दलित महिला सांसद पर इस तरह हमला कर रही है।' उन्होंने कहा कि टूटे शीशे के टुकड़े उनके शरीर में लगे। इसके बाद वे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र गईं, जहां मेडिकल स्टाफ उन्हें व्हीलचेयर पर अंदर ले गया।
बंगाल की जनता जवाब देगी: कुणाल घोष
टीएमसी ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर मिताली बाग का वीडियो शेयर किया और लिखा कि बीजेपी के 'गुंडों' ने एक दलित महिला सांसद पर हमला किया है। यह फासीवादी सोच को दिखाता है। टीएमसी राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा, 'टीएमसी इसे सहन नहीं करेगी। बंगाल की जनता वोट के ज़रिए भाजपा के इस हमले का जवाब देगी।'टीएमसी नेता सागरिका घोष ने कहा, 'अमित शाह ने धमकी दी थी कि जो कोई भी अपने घर से बाहर निकलेगा, उसे उल्टा लटका दिया जाएगा। आज बीजेपी के गुंडों ने उस धमकी को सच कर दिखाया। हमारी चुनी हुई सांसद, एक महिला और अनुसूचित जाति समुदाय की प्रतिनिधि श्रीमती मिताली बाग पर बीजेपी के गुंडों ने हमला कर दिया। उन्होंने इतनी बेरहमी से उनकी कार का शीशा तोड़ा कि कांच के टुकड़े उनके शरीर में घुस गए।' उन्होंने आगे कहा, 'यह बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की उकसाहट का सीधा नतीजा है। एक हत्यारे ने धमकी दी थी और उसके समर्थकों ने एक वंचित समुदाय की चुनी हुई महिला प्रतिनिधि के खिलाफ उस धमकी को अंजाम दिया।'
मिताली बाग पर कथित हमले के बाद टीएमसी ने कहा है कि अनुसूचित जाति समुदाय और बंगाल की जनता की आवाज़ पर हमला है। उनकी गाड़ी को निशाना बनाए जाने और गंभीर चोटों के साथ उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाए जाने के बाद अभिषेक बनर्जी ने उनसे मुलाक़ात की।
बीजेपी का पलटवार- 'ये सब ड्रामा'
बीजेपी ने टीएमसी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। बीजेपी प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि मिताली बाग ड्रामा कर रही हैं। असल में टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। बीजेपी कार्यकर्ता चुनाव कार्यालय में बैठे थे, तभी टीएमसी वाले उन पर चढ़ आए और कई को घायल कर दिया।
अरामबाग बीजेपी की पूर्व अध्यक्ष बिमान घोष ने दावा किया कि गोगहाट में टीएमसी नेता संजय खान के नेतृत्व में 'गुंडों' ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठी, ईंट, रॉड और हथियारों से हमला किया। क़रीब 50 लोग घायल हुए, जिनमें से 20 को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीजेपी उम्मीदवार की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हुई। बिमान घोष ने कहा कि मिताली बाग इस घटना को दबाने के लिए ड्रामा कर रही हैं।
संजय खान ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता इलाके में घुसे और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर बम फेंके।
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चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, 'हम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और मिताली बाग के फेसबुक लाइव को भी देख रहे हैं।' केंद्रीय बलों की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं।
यह घटना पश्चिम बंगाल चुनाव के आखिरी चरण में तनाव बढ़ा रही है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हिंसा का आरोप लगा रही हैं। चुनाव आयोग की रिपोर्ट आने के बाद साफ होगा कि असल में क्या हुआ। अभी तक पुलिस या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।