उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान एक बड़ी गलती कर दी। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" का श्रेय स्वामी विवेकानंद को दे दिया। जबकि स्वामी विवेकानंद का इस नारे से कोई लेना देना नहीं है। इस पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उन्हें जोरदार तरीके से ट्रोल किया है। सोशल मीडिया पर भी योगी का जमकर मज़ाक उड़ रहा है और लोग इसे योगी का वाट्सऐप यूनिवर्सिटी वाला ज्ञान बता रहे हैं। हालांकि मजाक उड़ने के बाद योगी ने अपना वीडियो बनाया, जिसमें नारे का श्रेय सही हस्ती को दे रहे हैं। 
मंगलवार को सामने आई खबर के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बंगाल के एक रैली में कहा, "स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’।" वास्तव में यह नारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1944 में इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के सैनिकों को प्रेरित करने के लिए दिया था।
टीएमसी ने इस घटना को लेकर तुरंत प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने योगी आदित्यनाथ के बयान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर बीजेपी की बंगाल के इतिहास के प्रति चौंकाने वाली अज्ञानता और तिरस्कार को उजागर कर दिया है। उन्होंने अमर नारे ‘Give me blood and I will give you freedom’ का श्रेय स्वामी विवेकानंद को दे दिया। यह नारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस का था।"
टीएमसी ने आगे कहा, "दो पूरी तरह अलग आइकॉन्स। दो पूरी तरह अलग विरासतें। दोनों बंगाल के बेटे। दोनों को एक ही वाक्य में एक व्यक्ति द्वारा अपमानित कर दिया गया। उनकी अज्ञानता की गहराई केवल उनके घमंड के बराबर है।"
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर योगी आदित्यनाथ को "बुलडोजर बुद्धि" कहते हुए तंज कसा। महुआ मोइत्रा ने लिखा, "हैलो बुलडोजर बुद्धि योगी आदित्यनाथ अपने फैक्ट्स सही कर लीजिए। नेताजी सुभाष बोस ने कहा था ‘Give me blood and I will give you freedom’। स्वामी विवेकानंद ने यह नहीं कहा था। कृपया वापस उत्तर प्रदेश जाकर फैंटा पीजिए और बंगाल को अकेला छोड़ दीजिए। आप एक मजाक हैं।"
सोशल मीडिया पर योगी आदित्यनाथ का वीडियो सोमवार रात से ही वायरल है। लोग काफी मज़ाक उड़ा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने लिखा है कि बीजेपी नेताओं का ज्ञान वाट्सऐप यूनिवर्सिटी से आता है। इसलिए ऐसी गलतियां आम बात हैं। पहले भी तमाम बीजेपी नेता वाट्सऐप यूनिवर्सिटी का ज्ञान जनता को देते रहे हैं। एक यूजर ने तंज कसा है कि आरएसएस योगी आदित्यनाथ को देश का प्रधानमंत्री बनाना चाहता है, जिसका सामान्य ज्ञान स्कूल के बच्चों से भी गया बीता है। सोशल मीडिया पर लोग बीजेपी और योगी से माफी की मांग कर रहे हैं।
स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस दोनों ही बंगाल के सपूत हैं, लेकिन उनकी विरासत पूरी तरह अलग है। विवेकानंद आध्यात्मिक विचारक और समाज सुधारक थे, जबकि बोस स्वतंत्रता सेनानी और सशस्त्र संघर्ष के प्रतीक थे। इस गलती पर टीएमसी ने भाजपा पर बंगाल के इतिहास के प्रति अज्ञानता का आरोप लगाया है। यह घटना बंगाल चुनावी प्रचार में राजनीतिक बयानबाजी को और तेज करती नजर आ रही है।

योगी कर रहे हिन्दू-मुसलमान

योगी अपनी रैलियों में मुसलमानों पर आपत्तिजनक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने दो दिन पहले अपनी रैली में मुस्लिमों के पवित्र स्थल काबे का मजाक उड़ाया। उन्होंने सड़क पर नमाज़ का जिक्र करते हुए मुस्लिमों को टारगेट किया। टीएमसी नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग योगी के साम्प्रदायिक भाषण का संज्ञान ही नहीं ले रहा है। जबकि उसे शिकायतें बराबर भेजी जा रही हैं।
बंगाल विधानसभा चुनाव में दो चरणों में मतदान होना है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का 29 अप्रैल को होगा। नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टीएमसी की 15 साल पुरानी सरकार को हराने के लिए भाजपा आक्रामक प्रचार कर रही है।