बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पहली बार पूर्व अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के ख़िलाफ़ खुलकर बोला है। उन्होंने मुहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यूनुस की कार्रवाइयाँ पूरी तरह गैरकानूनी थीं। राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस ने उन्हें हटाने की साजिश रची, संविधान की अनदेखी की और उन्हें अंधेरे में रखा। ये बातें बांग्ला अखबार 'कलर कंठो' को दिए इंटरव्यू में कही गई हैं। इंटरव्यू 20 फरवरी 2026 को बंगाबंधन के नाम से मशहूर राष्ट्रपति भवन में हुआ।

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने बताया कि यूनुस की अंतरिम सरकार ने उन्हें हटाने के कई प्लान बनाए। उन्होंने कहा, 'मुझे महल का कैदी बना दिया गया था। एक साल तक मुझे अंधेरे में रखा गया।' 22 अक्टूबर 2024 की रात बहुत डरावनी थी, जब भीड़ बंगाबंधन के बाहर जमा हो गई और राष्ट्रपति को हटाने की मांग की। राष्ट्रपति ने कहा, 'उस रात मेरे लिए बहुत डरावनी थी।'
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राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस ने एक पूर्व चीफ जस्टिस को राष्ट्रपति बनाने की कोशिश की, लेकिन वह व्यक्ति ने मना कर दिया। उसने कहा, 'राष्ट्रपति सबसे ऊंचा पद है, मैं इसे गैरकानूनी तरीके से नहीं ले सकता।' यूनुस ने संविधान की धज्जियां उड़ाईं और राष्ट्रपति को हटाकर संवैधानिक संकट पैदा करने की कोशिश की।

'संविधान की अनदेखी'

शहाबुद्दीन ने कहा कि यूनुस ने संविधान का कोई प्रावधान नहीं माना। अंतरिम सरकार के दौरान यूनुस ने 14-15 बार विदेश यात्राएं कीं, लेकिन कभी राष्ट्रपति को जानकारी नहीं दी। संविधान के अनुसार, विदेश से लौटने पर मुख्य सलाहकार को राष्ट्रपति से मिलना चाहिए और लिखित रिपोर्ट देनी चाहिए। लेकिन यूनुस ने कभी ऐसा नहीं किया। वह कभी राष्ट्रपति से मिलने नहीं आए।

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा कि वे मुझे पूरी तरह अंधेरे में रखना चाहते थे और वे नहीं चाहते थे कि लोग मुझे जानें या मेरा नाम कहीं आए।

'अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी नहीं दी'

यूनुस सरकार ने चुनाव से कुछ दिन पहले अमेरिका के साथ एक बड़ा ट्रेड डील साइन किया। राष्ट्रपति को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। शहाबुद्दीन ने कहा, 'मुझे कुछ नहीं पता। ऐसे सरकारी समझौते को मुझे बताना चाहिए था। पहले के प्रधानमंत्री छोटे-बड़े मामलों में भी राष्ट्रपति को बताते थे। यह संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन यूनुस ने नहीं किया।'

राष्ट्रपति की विदेश यात्राएं रोकी गईं

यूनुस ने राष्ट्रपति की दो विदेश यात्राएं रद्द करवाईं। एक कोसोवो की थी, जो दिसंबर में थी। दूसरी कतर के अमीर के न्योते पर थी। विदेश मंत्रालय ने पत्र लिखकर कहा कि राष्ट्रपति व्यस्त हैं। राष्ट्रपति ने कहा, 'वे नहीं चाहते थे कि मेरा नाम कहीं आए।'
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किसने दिया समर्थन?

राष्ट्रपति को सबसे बड़ा समर्थन बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी से मिला। बीएनपी के एक बड़े नेता ने फोन कर कहा, 'हम आपके साथ हैं। हम संवैधानिक निरंतरता चाहते हैं। राष्ट्रपति को गैरकानूनी तरीके से हटाना नहीं चाहिए।' अब प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान को राष्ट्रपति ने बहुत ईमानदार और दोस्ताना व्यवहार वाला बताया।

तीनों सेना प्रमुखों ने भी पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा, 'आप सेना के प्रमुख हैं। आपकी हार सेना की हार होगी। हम इसे किसी भी कीमत पर रोकेंगे।'
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यूनुस की सरकार पर आरोप

शहाबुद्दीन ने कहा कि यूनुस ने कई अनावश्यक अध्यादेश जारी किए। संविधान का पालन नहीं किया। अंतरिम सरकार ने देश में शांति-व्यवस्था बिगाड़ने और संवैधानिक संकट पैदा करने की कोशिश की।

राष्ट्रपति का कार्यकाल अप्रैल 2028 तक है। शेख हसीना सरकार ने उन्हें नियुक्त किया था, लेकिन अब तारिक रहमान की सरकार है। अगर वे समर्थन देते हैं, तो शहाबुद्दीन राष्ट्रपति बने रह सकते हैं। यह इंटरव्यू दिखाता है कि यूनुस के समय में उच्च स्तर पर कितना तनाव था। अब नई सरकार के साथ स्थिति बदल रही है। यह घटना बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा मोड़ है।