अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन से कुछ घंटे पहले अब दावा किया है कि ईरान के नए रिजीम के राष्ट्रपति ने सीजफायर यानी संघर्ष-विराम की मांग की है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट खुलने तक हम हमले जारी रखेंगे। उनका यह ताज़ा बयान तब आया है जब कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान के ख़िलाफ़ चल रहे अपने सैन्य अभियान को ख़त्म कर सकता है। हालाँकि ईरान ने ट्रंप के इस ताज़ा दावे को भी खारिज कर दिया है। रॉयटर्स ने ईरान के सरकारी टीवी के हवाले से रिपोर्ट दी है कि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान द्वारा सीज़फ़ायर की गुज़ारिश किए जाने के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान झूठे और बेबुनियाद हैं।
वार्ता के दावों को ईरान द्वारा लगातार खारिज किए जाने के बावजूद ट्रंप ने बुधवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा है कि ईरान का नया नेता अपने पूर्ववर्ती नेताओं की तुलना में कम कट्टरपंथी और ज्यादा समझदार है। उन्होंने कहा, 'जब होर्मुज स्ट्रेट खुला, मुक्त और साफ हो जाएगा, तब हम युद्धविराम पर विचार करेंगे।' ट्रंप ने आगे लिखा, 'तब तक हम ईरान को पूरी तरह तबाह कर देंगे या जैसा कहा जाता है पाषाण युग में वापस भेज देंगे!'
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ईरानी विदेश मंत्री ने तो कहा है '6 माह युद्ध कर सकते हैं'

ट्रंप का यह ताज़ा बयान तब आया है जब उनके बयान से कुछ घंटे पहले ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान इस युद्ध को कम से कम छह महीने तक जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिया था कि अमेरिका मध्य पूर्व के इस संघर्ष से जल्दी बाहर निकलना चाहता है। अरागची ने साफ़ कहा कि ईरान के पास पर्याप्त सामान और संसाधन हैं। वे जितना समय जरूरी हो, उतना समय खुद को बचाने के लिए तैयार हैं। जब उनसे सीधे पूछा गया कि ईरान इस युद्ध को कितने समय तक चला सकता है तो उन्होंने जवाब दिया- 'कम से कम छह महीने'।

ट्रंप ने पहले कहा था कि वाशिंगटन इस इलाके से अपनी सैन्य भागीदारी 2 से 3 हफ्तों में खत्म कर सकता है, चाहे ईरान के साथ कोई समझौता हो या न हो।

इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा था कि उनका देश इस संघर्ष को खत्म करने की पूरी इच्छाशक्ति रखता है, लेकिन उसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी होनी चाहिए। खासकर, दोबारा हमला न हो, इसके लिए ठोस गारंटी चाहिए। उन्होंने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से बात करते हुए यह बात कही थी।

क्या है पूरा विवाद?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बेहद अहम जलमार्ग है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है। अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान ने इस जलमार्ग पर यातायात को सीमित कर दिया। ईरान ने कई जहाजों पर हमले किए, कुछ पर टोल लगाया और कुछ देशों के जहाजों को आने-जाने से रोका। इससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई प्रभावित हुई और तेल के दाम बढ़ गए। ट्रंप का कहना है कि ईरान ने इस जलमार्ग को बंद करने की कोशिश की, इसलिए अमेरिका अब ईरान के तट पर हमले कर रहा है, ईरानी नावों और जहाजों को तबाह कर रहा है। उन्होंने अन्य देशों से भी अपील की कि वे अमेरिका के साथ मिलकर इस जलमार्ग को सुरक्षित रखें।
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ट्रंप के बदलते बयान

ट्रंप ने पहले ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के बिजलीघरों को तबाह कर देगा। बाद में उन्होंने कुछ समय बढ़ाया, लेकिन वह अपनी स्थिति पर अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है, लेकिन फिर भी ड्रोन, माइन्स या छोटी मिसाइलों से खतरा बना हुआ है। ट्रंप ने फिर कहा था कि अमेरिका ईरान में 2-3 हफ्तों में अपना अभियान ख़त्म कर सकता है, लेकिन होर्मुज को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी उन देशों पर होगी जो वहां से तेल मंगवाते हैं।

ईरान की स्थिति

ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरान कह रहा है कि युद्ध उसके अपने शर्तों पर ही खत्म होगा। उसने मांग की है कि अमेरिका और इसराइल को मुआवजा देना होगा और होर्मुज पर नया कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए। ईरान अभी भी इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है और कुछ देशों से भारी टोल वसूल रहा है।

दुनिया पर असर

इस संकट से पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। तेल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ सकती है। कई देश चिंतित हैं क्योंकि होर्मुज से गुजरने वाला तेल उनके लिए बहुत जरूरी है। कुछ देशों ने बयान जारी कर कहा है कि वे होर्मुज को सुरक्षित बनाने में सहयोग करेंगे।
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ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अकेला यह जिम्मेदारी नहीं उठाएगा। जो देश तेल इस्तेमाल करते हैं, उन्हें खुद अपनी सुरक्षा करनी चाहिए।

क्या होगा आगे?

ट्रंप का कहना है कि ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत हो रही है और वे अधिक तर्कसंगत हैं। लेकिन उन्होंने साफ किया कि कोई भी युद्धविराम बिना होर्मुज के खुलने के नहीं होगा। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान पर हमले जारी रखेगा जब तक जलमार्ग पूरी तरह खुला और सुरक्षित नहीं हो जाता।

ट्रंप युद्ध ख़त्म करने को लेकर जो भी दावे करें, ईरान ट्रंप के दावों को लगातार खारिज करता रहा है। ताज़ा बयान पर ईरान की ओर से प्रतिक्रिया नहीं आई है। अभी दोनों तरफ़ से बयानबाजी जारी है और सैन्य कार्रवाई भी चल रही है। दुनिया भर के नेता इस संकट को जल्द खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।