पश्चिम एशिया में जारी ईरान-अमेरिका-इसराइल युद्ध के बीच सोमवार (16 मार्च 2026) को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन हमले के बाद बड़े पैमाने पर आग लग गई, जिसके चलते हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन से जुड़े इस हमले में एयरपोर्ट के पास स्थित एक ईंधन टैंक प्रभावित हुआ, जिससे आग लग गई। दुबई सिविल डिफेंस की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और बाद में आग पर काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
सुरक्षा कारणों से दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। कई उड़ानों को पास के अल मक्तूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट किया गया, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के विरोध में कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जिनमें नागरिक ठिकाने और महत्वपूर्ण ढाँचे भी निशाने पर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के हफ्तों में दुबई और अन्य खाड़ी शहरों पर लगातार हमले हुए हैं, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएँ बढ़ गई हैं और निवेश तथा पर्यटन पर भी संभावित असर की आशंका जताई जा रही है।

अबू धाबी में मिसाइल गिरने से एक शख्स की मौत

अबू धाबी अधिकारियों ने सोमवार 16 मार्च को बताया कि अमीरात के अल बह्याह इलाके में एक आम नागरिक के वाहन पर मिसाइल गिरी। इस घटना में एक फ़िलिस्तीनी नागरिक की मौत हो गई। अबू धाबी के मीडिया कार्यालय ने एक बयान में कहा, "अल बह्याह इलाके में एक आम नागरिक के वाहन पर मिसाइल गिरने की घटना पर अबू धाबी अधिकारियों ने कार्रवाई की है, जिसमें एक फ़िलिस्तीनी नागरिक की मौत हो गई है। जनता को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और अफवाहें या अपुष्ट जानकारी न फैलाएं।"

तेल की कीमतें 105 डॉलर तक पहुंचीं

सोमवार 16 मार्च तो को ब्रेंट क्रूड ऑयल 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट का एक बैरल 1.6% बढ़कर 104.73 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि दिन की शुरुआत में यह 106 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर के स्तर से थोड़ा नीचे आ गया था। युद्ध शुरू होने के बाद से कीमतों में 40% से अधिक की वृद्धि हो चुकी है। एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुझान देखने को मिल रहा है।

ट्रंप नाटो देशों से नाराज, सीधी धमकी

रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर यूरोपीय नाटो देश और अन्य तेल-निर्भर शक्तियाँ अमेरिका के साथ मिलकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने और फिर से खोलने के लिए सैन्य सहयोग नहीं करतीं, तो नाटो को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर माइन्सवेपर जहाज़, कमांडो और सैन्य सहायता देने की मांग की। ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया कि वे खाड़ी के तेल पर निर्भर हैं लेकिन सुरक्षा के लिए पर्याप्त योगदान नहीं दे रहे। उन्होंने नाटो को “वन-वे स्ट्रीट” (एकतरफा व्यवस्था) बताया और कहा कि अब सहयोगियों को भी बराबर जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

जापान की प्रधानमंत्री का बयान, साफ इंकार

जापान की प्रधानमंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भेजने की कोई योजना नहीं है। सीएनएन के अनुसार, प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सहयोगियों से मदद मांगने के बाद, जापान की फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में सहायता के लिए जहाज भेजने की कोई योजना नहीं है। जापानी संसद में ताकाइची ने कहा, “हमने नौसैनिक जहाजों को भेजने के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। हम वर्तमान में इस बात की जांच कर रहे हैं कि जापान अपने कानूनी ढांचे के भीतर स्वतंत्र रूप से क्या कर सकता है।”

ऑस्ट्रेलिया ने भी कहा- नहीं भेज सकते वॉरशिप

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा है कि वह इस मिशन के लिए नौसेना के जहाज़ नहीं भेजेगी। सरकार का कहना है कि उसने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और फिलहाल उसकी प्राथमिकताएँ अलग हैं। ऑस्ट्रेलिया ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह पीछे नहीं हट रहा, बल्कि रक्षात्मक सहयोग दे रहा है- जैसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हवाई निगरानी विमान और कुछ सैन्य उपकरण भेजना। इसका उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों और सहयोगियों की सुरक्षा बताया गया है।

बगदाद में एयरपोर्ट पर ईरान का रॉकेट हमला

इराकी अधिकारियों ने बताया कि रविवार को बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रॉकेट हमले में पांच लोग घायल हो गए, जहां अमेरिकी राजनयिक सुविधा स्थित है। एक सुरक्षा सूत्र ने एएफपी को बताया कि शाम को हुए इस हमले के बाद आधी रात के आसपास हमलों का एक और दौर चला, जब रॉकेट और ड्रोन ने फिर से हवाई अड्डे को निशाना बनाया। इससे पहले, इराकी सरकार के सुरक्षा मीडिया सेल ने बताया कि शाम 7:00 बजे "पांच रॉकेटों ने बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और उसके आसपास के क्षेत्र को निशाना बनाया, जिसमें हवाई अड्डे के चार कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी और एक इंजीनियर घायल हो गए"। इसमें कहा गया है कि कुछ रॉकेट हवाई अड्डे और एक वॉटर प्लांट पर गिरे। अन्य रॉकेट इस्लामिक स्टेट समूह (आईएस) के संदिग्धों को रखने वाली जेल के पास और अमेरिकी राजनयिक सुविधा के बगल में स्थित एक इराकी हवाई अड्डे के पास गिरे।