क्या ट्रंप प्रशासन में एक और बड़े अधिकारी की छुट्टी होने की संभावना है? FBI डायरेक्टर काश पटेल को हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है। क्या ट्रंप प्रशासन में बड़ा बदलाव होने वाला है?
एफ़बीआई डायरेक्टर काश पटेल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में एफ़बीआई डायरेक्टर काश पटेल को निकाले जाने की संभावना बढ़ गई है। एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन में काश पटेल अगले बड़े अधिकारी हो सकते हैं जिन्हें नौकरी से हटाया जा सकता है। यह रिपोर्ट व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में गोलीबारी की घटना से कुछ घंटे पहले सामने आई। पॉलिटिको ने एक व्हाइट हाउस अधिकारी के हवाले से लिखा कि काश पटेल को निकालना 'केवल समय की बात' है।
काश पटेल कौन हैं?
काश पटेल भारतीय मूल के हैं। वह 2024 के चुनाव में ट्रंप के बड़े समर्थक रहे। उन्होंने ‘डीप स्टेट’ पर किताब लिखी है और MAGA यानी मेक अमेरिका ग्रेट अगेन अभियान में भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दे को आगे बढ़ाया। ट्रंप ने उन्हें एफ़बीआई का डायरेक्टर बनाया था। अब उनके 14 महीने के कार्यकाल में कई विवाद सामने आए हैं।शराब पीने का विवाद
सबसे बड़ा विवाद शराब से जुड़ा है। द अटलांटिक मैगजीन ने रिपोर्ट दी कि काश पटेल अक्सर ज्यादा शराब पीते हैं, जिससे वे नशे में नज़र आते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि वे वाशिंगटन के नेड्स क्लब और लॉस वेगास के पूडल रूम में शराब पीते हैं। कई बार उनकी वजह से मीटिंग्स रद्द या टालनी पड़ती हैं। वे अक्सर अनुपलब्ध रहते हैं। एक अधिकारी ने कहा कि अगर आतंकवादी हमला होता है तो उनकी अनुपस्थिति या नशे की स्थिति चिंता का विषय है।
द इंटरसेप्ट के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट दी है कि काश पटेल ने खुद स्वीकार किया है कि उन्हें दो बार शराब से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था। एक बार कॉलेज के दिनों में नाबालिग होने पर। और दूसरी बार न्यूयॉर्क में लॉ स्टूडेंट के समय सड़क पर पेशाब करने के लिए।
हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेट्स मांग कर रहे हैं कि पटेल एक स्क्रीनिंग टेस्ट करवाएं, जिसका इस्तेमाल 'शराब पीने के नुकसानदायक पैटर्न' का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह मांग 'द अटलांटिक' में छपे आरोपों के बाद की गई है।
इन आरोपों की जांच-पड़ताल के बीच, पटेल ने यह बात दोहराई है कि वह 'काम के दौरान कभी भी नशे की हालत में नहीं रहे हैं।' उन्होंने द अटलांटिक पर 25 करोड़ डॉलर यानी क़रीब 2100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है।
ईरान हैकर का हमला
मार्च में ईरान से जुड़े एक हैकर समूह ने काश पटेल का पर्सनल ईमेल हैक कर लिया था। उन्होंने उनकी फोटोज और रिज्यूमे ऑनलाइन डाल दिए। जस्टिस डिपार्टमेंट ने पुष्टि की कि सामग्री सही लगती है।
पाम बॉन्डी को निकाला गया
इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने अपनी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को निकाल दिया। काश पटेल उन्हें अपना मेंटर मानते थे। ट्रंप को बॉन्डी के काम से नाराजगी थी। खासकर राजनीतिक विरोधियों पर मुक़दमे न चलाने और जेफ्री एपस्टीन फाइल्स को हैंडल करने के तरीके से। रिपोर्टों में कहा गया कि बॉन्डी के निकलने के बाद काश पटेल भी फायरिंग लिस्ट में हैं।
ट्रंप का समर्थन?
इन रिपोर्टों के बीच दो दिन पहले ही शुक्रवार को व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी करोलाइन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अभी भी एफ़बीआई डायरेक्टर पर भरोसा करते हैं। लेकिन रिपोर्टों में अंदरूनी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि व्हाइट हाउस में काश पटेल के भविष्य पर खुलकर चर्चा हो रही है।
मार्च में कुछ पूर्व एफ़बीआई एजेंट्स ने काश पटेल और पाम बॉन्डी पर मुकदमा किया था। आरोप था कि उन्हें 2020 चुनाव में ट्रंप की जांच करने के लिए निकाला गया। काश पटेल ने कई पुराने एजेंट्स को निकाला, जिनका ट्रंप की पुरानी जांचों से संबंध था। काश पटेल ने हाल ही में 2020 चुनाव से जुड़े मामलों में जल्द गिरफ्तारियां करने का वादा भी किया है।
बहरहाल, अभी तक ट्रंप ने काश पटेल को निकालने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक़, उनके काम का तरीका, शराब से जुड़े आरोप और अनुपस्थिति ट्रंप प्रशासन को परेशान कर रही है। यह पूरा मामला अमेरिकी राजनीति में ट्रंप प्रशासन की अंदरूनी कलह को दिखाता है। काश पटेल MAGA के बड़े चेहरे रहे हैं, लेकिन अब उनकी स्थिति अनिश्चित लग रही है।