ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) ने मंगलवार को साफ तौर पर कहा कि कोई भी ईरानी डिप्लोमैटिक डेलिगेशन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद नहीं पहुंचा है। ब्रॉडकास्टर ने सभी रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए बयान जारी किया कि न तो कोई मुख्य डेलिगेशन, न कोई सेकेंडरी टीम, न ही कोई प्रारंभिक या फॉलो-अप मिशन अब तक इस्लामाबाद गया है। दूसरी तरफ अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस भी अभी अमेरिका से रवाना नहीं हुए हैं। लेकिन वैंस को लेकर सारा संदेह मंगलवार शाम तक दूर हो जाएगा।
आईआरआईबी ने कहा, "इस्लामाबाद, पाकिस्तान में अब तक कोई ईरानी डिप्लोमैटिक डेलिगेशन नहीं पहुंचा है।"इस बीच, अल अरबिया की रिपोर्ट में एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से दावा किया गया कि अमेरिका और ईरान की डेलिगेशन्स मंगलवार को एक साथ इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं, जो क्षेत्रीय कूटनीति में संभावित ब्रेकथ्रू का संकेत है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने के लिए उच्च स्तरीय वार्ता में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। हालांकि कुछ भी साफ नहीं है।
हालांकि, तेहरान की ओर से इस घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। भले ही दोनों विरोधी देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता के लिए जगह तैयार होने की खबरें बढ़ रही हैं।

ताज़ा ख़बरें

ट्रंप की आक्रामक बयानबाजी और तेहरान का जवाब

यह डिप्लोमैटिक गतिविधि अमेरिका की तरफ से आक्रामक बयानबाजी के बीच हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर चार पोस्ट्स में ईरान के खिलाफ संघर्ष का बचाव किया और अगर डील नहीं हुई तो ईरानी पावर प्लांट्स को निशाना बनाने की धमकी दोहराई। उन्होंने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ईरान के न्यूक्लियर साइट्स का "पूर्ण और पूर्ण विनाश" हो चुका है।
तेहरान से ट्रंप की बेकाबू बयानबाज़ी का तुरंत कड़ा जवाब मिला। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ़ ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे "बातचीत की मेज" को "सरेंडर की मेज" में बदलना चाहते हैं। एक्स पर पोस्ट करते हुए ग़ालिबाफ़ ने कहा, "हम धमकियों के साये में बातचीत स्वीकार नहीं करते। पिछले दो हफ्तों में हम युद्धक्षेत्र में नए कार्ड दिखाने के लिए तैयार हो चुके हैं।"
ट्रंप ने संकेत दिया है कि बुधवार को खत्म होने वाले सीजफायर को बढ़ाया जाना "असंभव" है। अगर डील नहीं हुई तो "बम गिरने शुरू हो जाएंगे" और "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी" शुरू हो जाएगी।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने ईरानी वार्ता टीम को इस्लामाबाद जाने के लिए "ग्रीन सिग्नल" दे दिया है। इससे बुधवार को होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता में ब्रेकथ्रू की उम्मीद जगी है, भले ही दोनों देश धमकियां दे रहे हों।
पाकिस्तान ने दोनों पक्षों को इस्लामाबाद बातचीत के दूसरे दौर के लिए आमंत्रित करने में अपनी पूरी कोशिश जारी रखी है। हालांकि, स्थिति पिछले दो दिनों से इतनी भ्रमित करने वाली रही है कि आधिकारिक बयान भी अविश्वसनीय लग रहे हैं।

अमेरिका ने शुरू में कहा था कि दूसरे दौर की बातचीत इस्लामाबाद में होगी और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सोमवार को पाकिस्तान पहुंचेंगे, लेकिन वे सोमवार रात तक अमेरिका में ही रहे। बाद में ट्रंप ने कहा कि वेंस पाकिस्तान जाएंगे, लेकिन ईरान ने इसे खारिज कर दिया। ग़ालिबाफ़ ने कहा कि कोई बातचीत नहीं हो रही और अमेरिका बातचीत को "सरेंडर की मेज" बनाना चाहता है।
ट्रंप ने 17 अप्रैल को कहा था कि अगर डील हो गई तो वे खुद पाकिस्तान जा सकते हैं, लेकिन अब यह संभावना बहुत कम लग रही है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान हिस्सा न ले तो भी अमेरिकी डेलिगेशन आगे बढ़ेगा। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि बातचीत अप्रत्यक्ष होगी या फोन पर होगी।
दुनिया से और खबरें
बहरहाल, बातचीत में समझौता मुश्किल दिख रहा है। अमेरिका ने ईरान को 15-पॉइंट प्रस्ताव दिया था, जिसका ईरान ने 10-पॉइंट प्रस्ताव से जवाब दिया। दोनों में विवादास्पद मुद्दे हैं जिन पर कोई पक्ष समझौता करने को तैयार नहीं दिख रहा।
अमेरिका ईरान से अपने न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को त्यागने और यूरेनियम स्टॉकपाइल्स सौंपने की मांग कर रहा है। वहीं ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण, इसराइल द्वारा लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले रोकने और अन्य मांगें कर रहा है। हालांकि हमले फिलहाल रुके हुए हैं, लेकिन सीजफायर कितने समय तक टिकेगा, यह अनिश्चित है।
पाकिस्तान के लिए दोनों पक्षों को इन शर्तों पर सहमत कराना एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। दुनिया शांतिपूर्ण समाधान का इंतजार कर रही है, लेकिन पिछले दिनों के भ्रमित संकेतों यानी डील की उम्मीद और हिंसा की चेतावनियों के बीच स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। सीजफायर बुधवार को खत्म होने वाला है और दोनों तरफ से तीखी बयानबाजी जारी है।