ईरान ने कहा है कि भले ही युद्ध यूएस और इसराइल ने शुरू किया है, लेकिन इसको ख़त्म तेहरान करेगा। ईरान के भारत में राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहअली ने गुरुवार को नई दिल्ली में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल ने इस युद्ध की शुरुआत की है, लेकिन युद्ध की लंबाई और इसका अंत ईरान के हाथ में है। राजदूत ने साफ़ कहा, 'ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन उन्होंने हमला शुरू किया। युद्ध की अवधि हमारे हाथ में है।'

राजदूत फतहअली ने बताया कि ईरान ने पड़ोसी देशों को पहले ही सूचना दे दी थी कि उसके हमले सिर्फ़ अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हैं, न कि किसी पड़ोसी देश पर। उन्होंने कहा, 'हम अपने पड़ोसियों पर हमला नहीं करते। हमने सभी पड़ोसियों को बताया कि हम अमेरिका के ठिकानों पर हमला कर रहे हैं, क्योंकि वे ठिकानों से ही ईरान पर हमले कर रहे थे।'
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उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के ठिकानों से हमले में ईरान के स्कूलों को निशाना बनाया गया। एक स्कूल पर हमले में 160 छोटे बच्चे मारे गए। राजदूत ने कहा कि ईरान ने बार-बार शांति की बात की, लेकिन अमेरिका ने खुले तौर पर दुश्मनी दिखाई।

ट्रंप बोले थे- 4 हफ़्ते से ज़्यादा जारी रखने की क्षमता

ट्रंप ने दो दिन पहले ही ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य अभियान को लंबा खिंचने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि पहले उनका आकलन था कि ईरान के ख़िलाफ़ अभियान 4-5 हफ़्ते तक चलेगा, लेकिन अमेरिका के पास इसे 4 हफ्ते से ज्यादा समय तक जारी रखने की पूरी क्षमता है। ट्रंप ने दावा किया कि ये ऑपरेशन पहले से तय समय से आगे चल रहा है और अमेरिका के लक्ष्य तेजी से पूरे हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, 
हमने ईरान पर हमला इसलिए किया क्योंकि तेहरान का परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम बहुत बड़ा ख़तरा बन गया था।
डोनाल्ड ट्रंप
यूएस राष्ट्रपति
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान जल्द ही ऐसी मिसाइलें बना लेता जो अमेरिका तक पहुंच सकती थीं। उन्होंने इसे असहनीय खतरा बताया और कहा, 'ईरान के पास परमाणु हथियार होना मध्य पूर्व और अमेरिका दोनों के लिए बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।'
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ईरानी रेड क्रिसेंट का दावा- अब तक 1300 हमले

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने बताया कि शनिवार से अब तक अमेरिका और इसराइल की तरफ से ईरान पर 1332 हमले हुए हैं। ये हमले 636 जगहों पर हुए, जिनमें कम से कम 105 नागरिकों वाली जगहें शामिल हैं। इनमें 14 अस्पताल और 7 रेड क्रिसेंट की इमारतें भी हैं। कुल 174 शहरों को निशाना बनाया गया है। रेड क्रिसेंट ने कहा कि कई घरों, स्कूलों और अस्पतालों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौतों की संख्या बढ़ रही है, और हालात बहुत गंभीर हैं।

लेबनान में स्थिति: 3 लाख से ज्यादा लोग दक्षिण से भागे

इसराइल डिफेंस फोर्सेस ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान से अब तक 3 लाख से ज्यादा लोग अपने गांव छोड़कर उत्तर की तरफ भाग चुके हैं। इसराइल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई में लोगों को चेतावनी दी है कि वे लितानी नदी के उत्तर में चले जाएं। सेना के प्रवक्ता कर्नल अविचे अद्राई ने कहा, 'दक्षिणी लेबनान के लोगों को तुरंत उत्तर की ओर जाना चाहिए।'

2024 में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच हुए संघर्ष में लगभग 12 लाख लेबनानी लोग बेघर हो गए थे। अब फिर से बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो रहे हैं। इसराइल ने कई गांवों से लोगों को निकलने का आदेश दिया है, जिससे वहां बड़ा संकट पैदा हो गया है।
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युद्ध से दुनिया में चिंता

यह युद्ध अब छठे दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका और इसराइल ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों और अन्य जगहों पर हमले कर रहे हैं। ईरान ने जवाब में इसराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। युद्ध अब लेबनान, खाड़ी देशों तक फैल गया है। तेल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं, और दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है कि यह युद्ध और बड़ा न हो जाए।

संयुक्त राष्ट्र और कई देश युद्ध रोकने की अपील कर रहे हैं, लेकिन दोनों तरफ़ से हमले जारी हैं। ईरान का कहना है कि वह अपना बचाव करेगा और ज़रूरी क़दम उठाएगा। राजदूत फतहअली ने जोर देकर कहा कि युद्ध शुरू करने वाले अमेरिका-इसराइल हैं, लेकिन इसका अंत ईरान तय करेगा। फ़िलहाल स्थिति बेहद नाजुक है। पूरी दुनिया नज़र रखे हुए है कि आगे क्या होता है।