मध्य पूर्व में जारी ईरान-इसराइल युद्ध के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। ईरान ने सऊदी अरब के प्रमुख तेल परिसर रास तनूरा (Ras Tanura) में सऊदी अरामको की रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है। इस हमले के बाद अरामको ने रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। हालांकि सऊदी अरब की ओर से कहा गया है कि मामूली नुकसान हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार सुबह (2 मार्च 2026) को ईरान के ड्रोन ने इस सुविधा को टारगेट किया, जिससे वहां छोटी आग लग गई। हालांकि, आग को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। रास तनूरा सऊदी अरब का एक प्रमुख रिफाइनिंग हब है, जो दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है और तेल निर्यात के लिए महत्वपूर्ण है। इस हमले से क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचे में बड़े पैमाने पर व्यवधान की आशंका बढ़ गई है।

सऊदी अरब रक्षा मंत्रालय का बयान

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए द्वारा प्रकाशित रिपोर्टों में बताया है कि आज (सोमवार 2 मार्च) सुबह रास तनूरा रिफाइनरी पर हमला करने की कोशिश कर रहे दो ड्रोनों को रोककर नष्ट कर दिया गया। मंत्रालय ने बताया कि ड्रोनों को रोकने के अभियान के दौरान मलबा गिरने से मामूली आग लग गई, लेकिन कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।
रॉयटर्स के एक उद्योग सूत्र के हवाले से बताया गया है कि रिफाइनरी को सतर्कता के तौर पर बंद किया गया है। अरामको ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हमले के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं।

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यह हमला उस बड़े संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। ईरान ने इसके जवाब में क्षेत्र भर में हमले तेज कर दिए हैं, जिसमें अमेरिकी सैन्य अड्डों, गल्फ देशों जैसे यूएई (दुबई, अबू धाबी), कतर, बहरीन, कुवैत और अन्य लक्ष्यों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को प्रभावित करने की कोशिश भी की है।

अमेरिका ने हमें अकेला छोड़ाः सऊदी अधिकारी

सऊदी अधिकारी ने अल जज़ीरा से कहा: अमेरिका ने हमें छोड़ दिया है और अपनी रक्षा प्रणालियों को इज़राइल की रक्षा पर केंद्रित कर दिया है, जिससे खाड़ी के वे देश, जहाँ उसके सैन्य अड्डे स्थित हैं, ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के रहमो-करम पर छोड़ दिए गए हैं।
रास तनूरा हमला ईरान की ओर से सऊदी अरब के तेल ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा लगता है, जो अमेरिका-इज़राइल के साथ सऊदी के संबंधों के कारण हो सकता है। सऊदी अधिकारियों ने अभी तक हमले की पुष्टि या ईरान पर सीधा आरोप नहीं लगाया है, लेकिन स्थिति को नियंत्रण में बताया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष और फैलता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि रास तनूरा मध्य पूर्व के तेल निर्यात का महत्वपूर्ण केंद्र है।