इसराइली के विपक्षी नेताओं ने नेतन्याहू सरकार की युद्ध नीति की कड़ी आलोचना की है। उसने संसद में सरकार से कड़े सवाल किए हैं। इसराइल के प्रमुख विपक्षी नेता गैंट्ज़ ने कहा, "हम तेहरान में जीत रहे हैं लेकिन यरुशलम में हार रहे हैं।"
इसराइल के प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार पर युद्ध के दौरान सुरक्षा प्राथमिकताओं से ध्यान भटकाने और विभाजनकारी कानूनों को आगे बढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा इसराइली संसद में कहा कि सरकार तेहरान में जीत रही है लेकिन यरुशलम में हार रही है।
ब्लू एंड व्हाइट, यिसराइल बेयतेनु, येश अतीद और डेमोक्रेट्स सहित विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह ईरान, हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ बहु-मोर्चे वाले युद्ध के बीच सुरक्षा मुद्दों की बजाय अटॉर्नी जनरल का पद बांटने, वेस्टर्न वॉल से संबंधित कानून लाने, सरकार के करीबी टीवी चैनलों को लाभ पहुंचाने और पुलिस आंतरिक जांच विभाग जैसे विवादास्पद विधेयकों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
बेनी गैंट्ज़ की तीखी टिप्पणी
ब्लू एंड व्हाइट के नेता बेनी गैंट्ज़ ने कहा, “हम तेहरान में जीत रहे हैं और यरुशलम में हार रहे हैं। तेहरान में शासन को तोड़ने पर ध्यान देने की बजाय वे अटॉर्नी जनरल के पद बांटने में व्यस्त हैं। हिजबुल्लाह को सीमा से दूर धकेलने पर ध्यान देने की बजाय वे ऐसे कानूनों में व्यस्त हैं जो यहूदियों को वेस्टर्न वॉल से दूर करेगा। शेल्टरों में बैठे लोगों पर ध्यान देने की बजाय वे सरकार के करीबी टीवी चैनलों को लाभ पहुंचाने में लगे हैं।”
गैंट्ज़ ने आगे कहा, “मेरे इस सदन के सहयोगी साथियों, आप कहां पहुंचना चाहते हैं? क्या आपको लगता है कि मेरे बेटे और आपके बच्चे जो रिजर्व में सेवा दे रहे हैं, उन्हें पुलिस आंतरिक जांच विभाग के कानून की चिंता है। आप अपने दोस्तों की पीठ बचाने की कोशिश कर रहे हैं? लोगों और जनता के सदन के बीच की दूरी कभी इतनी बड़ी नहीं हुई। मैं नेशनल स्पीकर और सभी गठबंधन सदस्यों से अपील करता हूं – संभल जाइए। जिम्मेदारी लीजिए।”
दक्षिणी लेबनान पर गैंट्ज़ ने कहा, “मैं आज सरकार से फैसला करने की अपील करता हूं- इसराइली समुदायों को नहीं, बल्कि पूरे दक्षिणी लेबनान को खाली कराने का फैसला करें, जब तक कोई दूसरा विकल्प न हो।”
गैंट्ज़ ने लेबनान सरकार के साथ बातचीत का समर्थन करते हुए जोर दिया कि यह बातचीत केवल तब होगी जब हिजबुल्लाह पर लगातार हमले जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले समझौते को ‘दृढ़ता की परीक्षा’ में उतारना होगा और हिजबुल्लाह को पूरी तरह खत्म करने तक सैन्य कार्रवाई नहीं रोकनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पूर्ण सैन्य बल और कूटनीतिक बुद्धिमत्ता के साथ लेबनान के साथ सामान्यीकरण और उत्तरी इसराइल में पूर्ण शांति हासिल की जा सकती है।
अविग्डोर लिबरमैन का आरोप
यिसराइल बेयतेनु के नेता अविग्डोर लिबरमैन ने कहा, “युद्ध शुरू हुए ढाई साल हो चुके हैं, फिर भी ईरान, हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ सभी मोर्चे खुले हुए हैं। सरकार हमें शुरुआती प्वाइंट 7 अक्टूबर (हमास से युद्ध) पर वापस ले आई है। हम हमास को ‘भूल’ गए हैं, लेकिन आज भी ग़ज़ा में दर्जनों ट्रक रोजाना प्रवेश कर रहे हैं, जिनमें चॉकलेट और मिठाइयां भी शामिल हैं।”
लिबरमैन ने बताया कि कल ही हमास ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर को समर्थन पत्र भेजा है, जिसमें सभी मोर्चों को खुला रखने की अपील की गई है। उन्होंने पूछा, “हमास पर ‘पूर्ण विजय’ कहां है? वही ‘पूर्ण विजय’ जो अब उत्तर में दिख रही है।” उन्होंने युद्ध के लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से पुनःपरिभाषित करने की मांग की- ईरान में शासन परिवर्तन और हिजबुल्लाह का खात्मा। लिबरमैन ने कहा कि यह सरकार ऐसा करने में सक्षम नहीं है।
यायर लापिड और यायर गोलान का हमला
येश अतीद के नेता यायर लापिड ने कहा कि सरकार का प्लान बिल्कुल स्पष्ट है। युद्ध का फायदा उठाकर वे देश को तोड़ना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, “हम सुरक्षा बलों का समर्थन जारी रखेंगे, लेकिन वे हमें चुप नहीं करा पाएंगे। वे सबसे विभाजनकारी, सबसे ध्रुवीकरण करने वाले और सबसे विनाशकारी कानून ला रहे हैं। युद्ध के दौरान इन कानूनों को लाना उन लोगों का अपमान है जो शेल्टरों में बैठे हैं या ईरान में उड़ान भर रहे पायलट हों या फिर लेबनान में लड़ रहे सैनिकों हों।”
इसराइल को युद्ध जीतने के लिए सरकार को बदलना होगाः गोलान
डेमोक्रेट्स के नेता यायर गोलान ने कहा, “ढाई साल से आईडीएफ और सैनिक युद्ध में जीत रहे हैं, लेकिन एक व्यक्ति और एक असफल एवं भ्रष्ट सरकार की वजह से दुनिया की सबसे बेहतरीन सेना भी चरमपंथी नेतृत्व के साथ जीत नहीं सकती। यह सरकार केवल नया मोर्चा और नया दौर शुरू करने के अलावा कुछ नहीं जानती, बिना किसी लक्ष्य और बिना सैन्य उपलब्धियों को वास्तविक सुरक्षा में बदलने की रणनीति के। इसराइल को युद्ध जीतने और सुरक्षा हासिल करने के लिए सबसे पहले इस सरकार को बदलना होगा।”
विपक्षी नेताओं ने सामूहिक रूप से कहा कि सरकार के पास सैन्य सफलताओं को वास्तविक सुरक्षा में बदलने की कोई रणनीति नहीं है। उन्होंने ईरान में शासन परिवर्तन, हिजबुल्लाह के खात्मे और लेबनान के साथ संबंध सामान्य बनाने की मांग की।
इसराइल की संसद में यह आलोचना ऐसे समय में आई है जब इसराइल ईरान, हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ बहु-मोर्चे वाले संघर्ष में लगा हुआ है। विपक्ष ने स्पष्ट किया कि वे सुरक्षा बलों का पूरा समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार से जिम्मेदारी लेने और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की मांग कर रहे हैं।