ईरान ने पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहम्मद बाक़िर ज़ुलकद्र को नया सुरक्षा प्रमुख नियुक्त किया है। उन्होंने अली लारीजानी का स्थान लिया है। जिनकी इसराइली हमले में हत्या कर दी गई थी। ज़ुलकद्र बुधवार को सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे थे। कौन है यह शख्सः
ईरान के नए सुरक्षा प्रमुख मोहम्मद ज़ुलकद्र
ईरान ने सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) के नए प्रमुख के रूप में मोहम्मद बाक़िर ज़ुलकद्र की नियुक्ति की है। यह नियुक्ति पूर्व एसएनएससी प्रमुख अली लारिजानी की हत्या के बाद हुई है। उन्हें पिछले हफ्ते अमेरिका-इसराइल के संयुक्त एयर स्ट्राइक में मार गिराया गया था। ज़ुलकद्र, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के पूर्व कमांडर और कठोर लाइन के सुरक्षा विशेषज्ञ माने जाते हैं। उनकी नियुक्ति ईरान की मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मंगलवार को इस नियुक्ति का ऐलान किया था। यह फैसला नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की मंजूरी से हुआ है। ज़ुलकद्र 2023 से एक्सपेडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल (एक्सपेडिएंसी काउंसिल) के सचिव के पद पर थे, जो ईरान की सर्वोच्च नेतृत्व को सलाह देने वाली अहम संस्था है।
ज़ुलकद्र कौन हैं? विस्तृत पृष्ठभूमि
मोहम्मद बाक़िर ज़ुलकद्र 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद बने पहले पीढ़ी के आईआरजीसी कमांडरों में शामिल हैं। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनके करियर में कई उच्च पद शामिल हैं: आईआरजीसी जॉइंट स्टाफ के चीफ के रूप में 8 साल तक सेवा की। आईआरजीसी के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ के रूप में 8 साल तक जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने उच्च-स्तरीय राजनीतिक और न्यायिक पदों पर काम किया।
अल जजीरा के ईरान विशेषज्ञ सुहैब अलास्सा ने उन्हें “हैवीवेट सिक्योरिटी फिगर” बताया है। सीएनएन में उन्हें “हार्ड-लाइन कमांडर” कहा गया है। ज़ुलकद्र अब ईरान की सुरक्षा नीतियों को आकार देने वाले प्रमुख व्यक्ति बन गए हैं। उनकी नियुक्ति लंबे समय से चल रही प्रक्रिया का नतीजा है, न कि मौजूदा युद्ध की कोई तात्कालिक प्रतिक्रिया।
यह नियुक्ति क्यों मायने रखती है?
ईरान फिलहाल अमेरिका-इसराइल युद्ध के दबाव में है। देश के कई हिस्सों में हमले हो रहे हैं। तेहरान, इस्फहान के अलावा पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी इलाकों (खासकर ईस्ट अजरबैजान प्रांत) में फोकस है। अंदरूनी अशांति भी बढ़ रही है। हाल ही में सैकड़ों लोगों को विदेशी एजेंसियों से सहयोग का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले इस साल बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे, जिनमें हजारों ईरानी मारे गए।
ज़ुलकद्र की सख्त सैन्य पृष्ठभूमि को देखते हुए हार्डलाइनर्स मानते हैं कि वह युद्ध के माहौल में लारिजानी से बेहतर तरीके से देश को संभाल सकते हैं। एसएनएससी प्रमुख का पद नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के कार्यालय से सीधे जुड़ा है। यह व्यक्ति सुरक्षा विशेषज्ञता के साथ-साथ रणनीतिक फैसलों को संभालने में सक्षम होना चाहिए।
अल जजीरा के एक विशेषज्ञ ने कहा, “ज़ुलकद्र की नियुक्ति से लगता है कि ईरान का नेतृत्व सुरक्षा संस्थानों में और ज्यादा सैन्य तत्व जोड़ना चाहता है।” उन्होंने कहा, “बातचीत की मेज पर जो भी बैठेगा, उसे ज़ुलकद्र की मंजूरी लेनी होगी।”
ज़ुलकद्र के सामने चुनौतियां और आगे का रास्ता
ज़ुलकद्र को तुरंत कई टेस्ट का सामना करना पड़ेगा। ईरान की ओर से क्षेत्र में मिसाइल हमले जारी हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतें प्रभावित हो रही हैं। ईरानी खुफिया एजेंसियां इसराइली क्षेत्र के अंदर गहरे टारगेट्स को पहचानने का दावा कर रही हैं। इसके साथ ही ज़ुलकद्र अमेरिका के साथ संभावित शांति वार्ता में भी अहम भूमिका निभाएंगे। नियुक्ति से साफ है कि ईरान बाहरी दबाव और अंदरूनी सुरक्षा को मजबूत रखते हुए हार्डलाइन अप्रोच पर जोर दे रहा है। यह बदलाव ईरान की सुरक्षा व्यवस्था में सैन्य प्रभाव को और बढ़ने का संकेत दे रहा है।