रुश्दी, जिनका जन्म बॉम्बे (मुंबई) में एक मुस्लिम कश्मीरी परिवार में हुआ था। इसके बाद परिवार यूनाइटेड किंगडम (यूके) चला गया। रुश्दी अपने चौथे उपन्यास, "द सैटेनिक वर्सेज" के लिए लंबे समय से मौत की धमकियों का सामना कर रहे हैं। कुछ मुसलमानों ने कहा कि किताब में ईशनिंदा के अंश हैं। 1988 में इस उपन्यास के प्रकाशन के बाद कई देशों में इसे प्रतिबंधित कर दिया गया था।