ईरान पर यूएस-इसराइल द्वारा थोपे गए युद्ध का आज शनिवार 7 मार्च को आठवां दिन है। ईरान पर अमेरिका और इसराइल की भारी बमबारी जारी है। तेहरान में सरकार बिल्डिंगों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान भी मिडिल ईस्ट में हमले कर रहा है।
तेहरान का मेहराबाद एयरपोर्ट तबाह
ईरान पर हमले का 8वां दिनः ताजा अपडेट
- ईरान में समुद्र के पानी को मीठे पानी में बदलने वाले प्लांट पर यूएस का हमला। ईरान के विदेश मंत्री ने गंभीर नतीजे की धमकी दी
- माफी मांगने के बावजूद ईरान ने दुबई और सऊदी अरब को निशाना बनाया; ट्रंप को दिया जवाब, यूएस अपना तीसरा विमानवाहक पोत तैनात करेगा
- ईरान के राष्ट्रपति के बयान पर ट्रंप ने कहा- ईरान हार गया है, इसीलिए उसने पड़ोसियों से माफी मांगी।
- ईरान के राष्ट्रपति का ट्रंप को कड़ा जवाब- देश कभी सरेंडर नहीं करेगा। लेकिन उन्होंने खाड़ी देशों से माफी मांगी।
- होर्मुज के पास माल्टा के झंडे वाले टैंकर पर ईरान का हमला
- ईरान में हमले: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के एक सप्ताह बाद, तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर हवाई हमले के बाद आग लग गई।
- जवाबी कार्रवाई का सामना: खाड़ी देशों को जवाबी हमलों से लगातार जूझना पड़ रहा है। सऊदी अरब और बहरीन ने शनिवार सुबह ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को नाकाम करने की सूचना दी।
- ट्रंप की शर्तें: अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि पिछले सप्ताहांत अमेरिका-इसराइल के संयुक्त हमले के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर 3,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थिति को और गंभीर बनाते हुए कहा कि ईरान के साथ तब तक कोई समझौता नहीं होगा जब तक वह "बिना शर्त आत्मसमर्पण" नहीं कर देता।
- कुर्दों को निशाना बनाया गया: जब से यह खुलासा हुआ है कि सीआईए ईरानी कुर्द समूहों को हथियार मुहैया कराने का काम कर रही है, तब से उनके शिविरों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया जा रहा है।
अमेरिका ने ईरान के वॉटर प्लांट पर हमला किया, ईरान ने कहा- गंभीर नतीजे हो सकते हैं
ईरान के क़ेशम द्वीप पर मीठे पानी के प्लांट पर यूएस ने हमला किया। यहां पर समुद्र के पानी को मीठे पानी में बदलने के प्लांट हैं। ईरान ने अभी तक मिडिल ईस्ट में ऐसे ठिकानों पर हमला नहीं किया था। यूएस के वॉटर प्लांट पर हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची का बयान आया है। अरघची ने कहा- अमेरिका ने एक घोर और हताश अपराध किया है। इससे 30 गांवों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके गंभीर नतीजे होंगे। यह मिसाल अमेरिका ने कायम की है।
ट्रंप ने ईरान के राष्ट्रपति के बयान पर चिढ़ाया तो पूरे मिडिल ईस्ट में नए हमले
सऊदी अरब, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में शनिवार को ड्रोन और मिसाइलों से नए हमले हुए, जबकि ईरान के राष्ट्रपति ने खाड़ी देशों से इन हमलों के लिए माफी मांगी। लेकिन इसके बाद यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान ने मिडिल ईस्ट के आगे सरेंडर कर दिया है। ट्रंप के इस बयान के बाद आईआरसीजीसी ने कहा अगर हम पर हमले हुए तो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर फिर से हमले करेंगे। शाम होते-होते ईरान के ड्रोन और मिसाइलों ने पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लिया।
उधर, ईरान में भीषण धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इसराइल ने तेहरान और इस्फ़हान को निशाना बनाते हुए 80 लड़ाकू विमानों के साथ बड़े पैमाने पर हमले किए, जहां महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र स्थित हैं। युद्ध के आठवें दिन में प्रवेश करने के साथ ही ये धमाके सुनाई देने लगे।
यूएई में एयरपोर्ट पर फिर से हमला
संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अल-धाफरा हवाई अड्डे पर दूसरी बार हमला हुआ। इसका इस्तेमाल अमेरिका भी करता है। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि ड्रोन का इस्तेमाल करके अमेरिकी हवाई युद्ध केंद्र, उपग्रह संचार केंद्र और रडार प्रणालियों को निशाना बनाया गया।
इस बीच, कतर ने एक बैलिस्टिक मिसाइल हमले को नाकाम कर दिया, जबकि सऊदी अरब ने कहा कि शनिवार को मध्य पूर्व के सबसे बड़े तेल क्षेत्रों में से एक, शायबाह की ओर बढ़ रहे 16 ड्रोन को रोक दिया गया। ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक साल्टी हवाई अड्डे पर अमेरिका द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली थाड मिसाइल रक्षा प्रणाली के एक महत्वपूर्ण हिस्से को भी नष्ट कर दिया।
यूएस का तीसरा विमानवाहक पोत तैनात होगा
इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि संघर्ष अभी खत्म होने के कगार पर नहीं है, क्योंकि अमेरिका मध्य पूर्व में तीसरा विमानवाहक पोत, यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश तैनात करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने यह भी कहा है कि उसने पिछले सात दिनों में ईरान में 3,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं और 43 ईरानी युद्धपोतों को नष्ट किया है।
ईरान के राष्ट्रपति के बयान पर ट्रंप का पलटवार
यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि ईरान 'हार गया' है और उसने "मिडिल ईस्ट के पड़ोसियों के सामने सरेंडर कर दिया है" और "माफी मांग ली है"। ट्रंप की ये टिप्पणियां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन द्वारा शनिवार को तनाव कम करने के संकेत देने और पड़ोसी देशों से हमलों के लिए माफी मांगने के कुछ ही घंटों बाद आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान का अपने पड़ोसियों पर "गोलीबारी न करने" का "वादा" केवल संयुक्त राज्य अमेरिका और इसराइल के "लगातार हमलों" के कारण ही संभव हो पाया है।
ईरान का ट्रंप को चंद घंटे में जवाब- हम कभी सरेंडर नहीं करेंगे
ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा कि उनका देश कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा, जबकि उनकी सेना ने इसराइल के साथ जवाबी हमले जारी रखे और कई खाड़ी देशों पर जवाबी कार्रवाई की। मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के चंद घंटे बाद ही यह बात कही। ट्रंप ने कहा था कि उनकी सरकार तेहरान के "बिना शर्त आत्मसमर्पण" के बिना उससे बातचीत नहीं करेगी। टीवी पर अपने संबोधन में पेज़ेश्कियन ने कहा: "वे हमारे बिना शर्त आत्मसमर्पण के सपने को अपने साथ कब्र में ले जाएंगे। ईरान कभी सरेंडर नहीं करेगा। क्या वो ईरान में अमेरिका विरोधी प्रदर्शनों से वाकिफ नहीं हैं। जनता ईरान सरकार के साथ खड़ी हुई है।"
खाड़ी देशों से माफी मांगी
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने शनिवार सुबह एक महत्वपूर्ण संबोधन में खाड़ी अरब देशों से माफी मांगते हुए कहा कि अगर ईरान पर हमला उन्हीं देशों से नहीं हुआ तो तेहरान अपने पड़ोसी देशों पर हमले करना बंद कर देगा। उन्होंने सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं जिन पर ईरान ने हमला किया है। हमारा पड़ोसी देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। जैसा कि मैंने बार-बार कहा है, वे हमारे भाई हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ईरान पर अस्थायी रूप से शासन कर रही तीन सदस्यीय नेतृत्व परिषद ने “सशस्त्र बलों को निर्देश दिया है कि अब से पड़ोसी देशों पर कोई हमला नहीं होना चाहिए और न ही मिसाइलें दागी जानी चाहिए, जब तक कि वे खुद उन देशों से हम पर हमला न करना चाहें।”
उन्होंने खाड़ी देशों से आग्रह किया कि वे “साम्राज्यवाद के हाथों की कठपुतली” न बनें और उन्हें ईरानी क्षेत्र पर हमला न करने की चेतावनी दी। यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति की यह घोषणा तुरंत प्रभावी होगी या नहीं। हालांकि संबोधन के बाद, संयुक्त अरब अमीरात के ऊपर इंटरसेप्शन जारी रहे और बहरीन में सायरन बजने लगे।
शनिवार तड़के ईरानी राजधानी तेहरान पर हवाई हमले हुए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए और सीएनएन द्वारा जियोलोकेटेड एक वीडियो में तेहरान का मेहराबाद हवाई अड्डा आग की लपटों में घिरा दिखाई दे रहा था। शनिवार की सुबह मध्य पूर्व में भोर होते ही, खाड़ी देशों ने ईरान के जवाबी हमलों का सामना करना जारी रखा। ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि जो यूरोपीय देश ईरान के खिलाफ हमलों में शामिल होंगे, वे तेहरान के लिए "वैध टारगेट" होंगे।
खाड़ी देशों पर ईरान के हमले
खाड़ी देशों में ईरान की ओर से जवाबी हमले जारी हैं और संघर्ष आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। शनिवार की सुबह मध्य पूर्व में भोर होते ही कुछ ताज़ा घटनाक्रम इस प्रकार हैं: सऊदी अरब के शायबा तेल क्षेत्र की ओर आ रहे कई ड्रोनों को रोककर नष्ट कर दिया गया। यह जानकारी सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार तड़के जारी की। मंत्रालय ने बताया कि प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी रोककर नष्ट कर दिया गया। उधर, बहरीन में शनिवार सुबह फिर सायरन बजने लगे और निवासियों से निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाने का आग्रह किया गया। यह जानकारी बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने दी। रक्षा बलों ने बताया कि पिछले शनिवार को युद्ध शुरू होने के बाद से उन्होंने सऊदी अरब को निशाना बनाने वाली 84 मिसाइलों और 147 ड्रोनों को रोका है। पिछले 12 घंटों में छह मिसाइलें और चार ड्रोन रोके गए हैं।
ईरान के 300 ठिकानों पर यूएस हमले
यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिकी सेना ने "एपिक फ्यूरी" ऑपरेशन शुरू करने के बाद से ईरान के अंदर 3,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। सेंट्रल कमांड ने बताया कि इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल ठिकाने, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कमांड सेंटर और "सैन्य संचार क्षमताएं" आदि को निशाना बनाया गया है। इसमें यह भी बताया गया कि इन हमलों में 43 ईरानी जहाज "क्षतिग्रस्त या नष्ट" हो गए हैं।