अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो की गिरफ्तारी के बाद अब देश की कमान उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के हाथ में आ गई है। वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को फ़ैसला दिया कि डेल्सी रोड्रिगेज अंतरिम राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगी। देश के संविधान के अनुसार, यदि राष्ट्रपति अनुपस्थित हों, चाहे अस्थायी तौर पर या हमेशा के लिए, तो उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के काम संभालते हैं। तो सवाल है कि डेल्सी अब क्या करेंगी?

मदुरो के पकड़े जाने के साथ ही ट्रंप ने घोषणा कर दी है कि अमेरिकी विदेश मंत्री ने डेल्सी से बात की और वे अमेरिका के साथ नए दौर में काम करने को तैयार हैं। ट्रंप ने दावा किया कि डेल्सी अमेरिका की मदद से वेनेजुएला को चलाने में सहयोग करेंगी। तो क्या डेल्सी ऐसा ही करेंगी? उन्होंने ट्रंप के दावों के बारे में तो कुछ नहीं बोला है, लेकिन नेशनल डिफेंस काउंसिल की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने मदुरो दंपति की तुरंत रिहाई की मांग की, अमेरिकी ऑपरेशन की निंदा की। वेनेजुएला के झंडे के सामने खड़ी होकर उन्होंने कहा कि हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। उन्होंने अमेरिकी हमले को आक्रामकता क़रार दिया। तो क्या ट्रंप के लिए उस वेनेजुएला की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है जहाँ दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है।
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रोड्रिगेज कौन हैं?

56 साल की डेल्सी रोड्रिगेज काराकस में पैदा हुईं। उन्होंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ वेनेजुएला से कानून की डिग्री ली। डेल्सी के भाई जॉर्ज रोड्रिगेज नेशनल असेंबली के अध्यक्ष हैं। उनके पिता जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिगेज सोशलिस्ट लीग पार्टी के संस्थापक थे, जो एक मार्क्सवादी पार्टी थी।

डेल्सी दो दशक से ज्यादा समय से 'चाविज्मो' आंदोलन की बड़ी नेता हैं। यह आंदोलन पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने शुरू किया था। इसे 2013 में उनकी मौत के बाद मदुरो चला रहे थे। डेल्सी को मदुरो की बहुत भरोसेमंद साथी माना जाता है। मदुरो उन्हें 'टाइगर' कहकर बुलाते हैं, क्योंकि वे सरकार का बहुत मजबूती से बचाव करती रही हैं।
डेल्सी ने शावेज और मदुरो दोनों के समय में कई बड़े पद संभाले। उन्होंने 2013-2014 में संचार और सूचना मंत्री और 2014-2017 के बीच विदेश मंत्री के पद संभाले। विदेश मंत्री रहने के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर वेनेजुएला का बचाव किया और लोकतंत्र कमजोर होने व मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों का जवाब दिया।

डेल्सी 2017-2018 के दौरान कॉन्स्टिट्यूएंट नेशनल असेंबली की अध्यक्ष रहीं। 2018 से अब तक डेल्सी उपराष्ट्रपति हैं। मदुरो के पकड़े जाने तक डेल्सी वित्त मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री भी थीं।

मदुरो की गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?

शनिवार को डेल्सी ने नेशनल डिफेंस काउंसिल की मीटिंग की अध्यक्षता की। मंत्रियों और बड़े अधिकारियों के साथ उन्होंने मदुरो दंपति की तुरंत रिहाई की मांग की और अमेरिकी ऑपरेशन की निंदा की। वेनेजुएला के झंडे के सामने खड़ी होकर उन्होंने कहा कि सुबह का हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है।

डेल्सी ने कहा कि इसे पूरे लातीन अमेरिका के देशों को निंदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'लोगों को एकजुट रहना चाहिए, क्योंकि वेनेजुएला के साथ जो हुआ, वह किसी भी देश के साथ हो सकता है। लोगों की इच्छा को झुकाने के लिए बल का ऐसा इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ किया जा सकता है।' यह भाषण सरकारी टीवी चैनल वीटीवी पर दिखाया गया।
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शनिवार को एक फोन इंटरव्यू में उन्होंने मदुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स के ठिकाने की जानकारी मांगी और कहा कि उन्हें जिंदा होने का सबूत चाहिए। मीटिंग में उन्होंने जोर देकर कहा, 'इस देश का एक ही राष्ट्रपति है और उनका नाम निकोलस मदुरो मोरोस है।'

ट्रंप का दावा और डेल्सी का रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने डेल्सी से बात की और वे अमेरिका के साथ नए दौर में काम करने को तैयार हैं। ट्रंप बोले, 'वे काफी विनम्र थीं और कहा कि जो चाहिए हम करेंगे।' ट्रंप ने दावा किया कि डेल्सी अमेरिका की मदद से वेनेजुएला को चलाने में सहयोग करेंगी। हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि डेल्सी मदुरो से कम कट्टर नहीं हैं। वे सरकार की सबसे मजबूत और हार्डलाइन नेता हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार एक विश्लेषक ने कहा कि वे मदुरो की जगह मध्यम विकल्प नहीं हैं। डेल्सी के भाषणों में अमेरिका के साथ कोई समझौता दिखाई नहीं दिया। वे अमेरिकी कार्रवाई को आक्रमण बता रही हैं।
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सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार एक संवैधानिक वकील जोस मैनुअल रोमानो ने कहा कि डेल्सी सरकार में बहुत बड़ी नेता हैं और मदुरो का पूरा भरोसा उन पर है। वे टीम चलाने में मजबूत हैं और परिणाम देने वाली हैं। रक्षा मंत्रालय पर भी उनका अच्छा प्रभाव है, जो मौजूदा हालात में अहम है।

अब दुनिया देख रही है कि डेल्सी के नेतृत्व में वेनेजुएला क्या करता है। वेनेजुएला का भविष्य अब डेल्सी रोड्रिगेज के हाथ में है, जो चाविज्मो की मजबूत समर्थक हैं।