रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकांश डेटा तो यही बता रहा है कि कम-विकास वाले राज्यों में प्रति व्यक्ति राज्य आय और भाजपा के वोट शेयर में संबंध है। लेकिन मध्य और उच्च श्रेणी वाले राज्यों और यूटी में यह प्रवृत्ति उतनी साफ नहीं है। इसकी वजह और भी हो सकती हैं।
जहां प्रति व्यक्ति एनएसडीपी आय 4 फीसदी से ज्यादा थी, ऐसे 9 में से 5 राज्यों आंध्र प्रदेश, असम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में भाजपा ने 2019 के स्तर से वोट शेयर में थोड़ा वृद्धि दर्ज की है। हालांकि चार राज्यों - गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक और अरुणाचल प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में अपेक्षाकृत उच्च बढ़ोतरी के बावजूद भाजपा के वोट शेयर में गिरावट देखी गई। यहां भी विरोधाभास है। राजस्थान में भाजपा की लोकसभा सीटें कम हुईं है, जबकि गुजरात में सिर्फ एक सीट का नुकसान हुआ है।