ऐसा लगता है कि राहुल गाँधी के सामाजिक न्याय के मुद्दे और भागीदारी के सवाल को मिल रहे समर्थन से बीजेपी ही नहीं आरएसएस भी घबरा गया है। बिहार में राहुल गाँधी की वोट अधिकार यात्रा को मिले अभूतपूर्व समर्थन ने चिंता और बढ़ा दी है। यही वजह है कि आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत इशारों में काशी और मथुरा से जुड़े मंदिरों के विवाद को गरमाने का संकेत दिया है। उन्होंने यह तो कहा है कि संघ ख़ुद इस आंदोलन में भाग नहीं लेगा लेकिन स्वयंसेवकों को इसमें शामिल होने की छूट देकर उन्होंने इरादा साफ़ कर दिया है। यानी राहुल के सामाजिक न्याय एजेंडे की काट में काशी और मथुरा का मुद्दा गरमााय जाएगा।