क्या नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देकर राज्यसभा जाने वाले हैं? नीतीश के इस्तीफ़ा देने की ख़बर बिहार में होली पर फिर से उछली और राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के कयास लगाए जाने लगे। लेकिन जब यह सवाल बिहार में बीजेपी के मुख्यमंत्री होने की लगातार पैरवी करते रहने वाले गिरिराज सिंह से पूछा गया तो उन्होंने साफ़ तौर पर कह दिया कि 'आज होली का दिन है और होली के दिन ऐसे मजाक हुआ करते हैं। नीतीश कुमार जी मुख्यमंत्री हैं।'

गिरिराज सिंह का यह बयान तब आया है जब यह ख़बर चली कि बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होने वाला है। मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और राज्यसभा जा सकते हैं। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उनके बेटे निशांत कुमार को उप-मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है और नया मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि यह बड़ा फ़ैसला होली के बाद या अगले हफ्ते तक हो सकता है।

राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया इस हफ्ते शुरू हो रही है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख़ 5 मार्च है और चुनाव 16 मार्च को होंगे। बिहार से 5 सीटें खाली हो रही हैं। एनडीए के पास विधानसभा में मज़बूत बहुमत है, इसलिए सभी सीटें जीतने की कोशिश है। इन्हीं घटनाक्रमों के बीच ख़बर चली है कि जेडीयू के नेता नीतीश कुमार खुद राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से यहाँ तक कहा गया कि दिल्ली में यह सब तय हो चुका है।
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एनडीटीवी के अनुसार नीतीश कुमार के क़रीबी एक जेडीयू नेता ने कहा, 'यह समय शोक मनाने का है। दिल्ली में अब सब कुछ तय हो गया है।' नीतीश कुमार 75 साल के हैं और बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 10 बार शपथ ली है। कुछ समय छोड़कर 2015 से लगातार वे मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कई बार गठबंधन बदले, लेकिन लड़कियों को साइकिल बाँटने और शराबबंदी जैसी योजनाओं से महिलाओं का बहुत समर्थन जीता। 2025 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने कमाल किया और एनडीए को जीत दिलाई।

बीजेपी चाहती है सीएम पद?

रिपोर्टें रही हैं कि बीजेपी लंबे समय से बिहार में मुख्यमंत्री पद चाहती है। क्योंकि विधानसभा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन नीतीश कुमार की वजह से मुख्यमंत्री पद जेडीयू के पास रहा। रिपोर्टों के अनुसार अब यदि नीतीश राज्यसभा जाते हैं तो बीजेपी को मौक़ा मिलेगा।

यदि सीएम बदले तो रेस में कौन?

नए मुख्यमंत्री के लिए कई नाम चल रहे हैं। इसमें से एक उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं। वह गृह विभाग संभालते हैं। वे सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय। वह यादव समुदाय से हैं और अमित शाह के क़रीबी माने जाते हैं। अमित शाह ने कई बार उन्हें बड़ी ज़िम्मेदारी देने की बात कही है। पटना के विधायक संजीव चौरसिया का नाम भी चर्चा में है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि नया मुख्यमंत्री पिछड़े वर्ग से होना चाहिए। 

हालाँकि, गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की इन ख़बरों को मजाक कहकर खारिज कर दिया है और कहा है कि नीतीश सीएम हैं। लेकिन यही गिरिराज सिंह पहले नीतीश का विरोध करते रहे थे।

सीएम को लेकर गिरिराज सिंह के बयान

बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह अक्सर नीतीश कुमार के खिलाफ बोलते रहे हैं, खासकर जब नीतीश कुमार एनडीए से अलग हुए या फिर गठबंधन में तनाव रहा। गिरिराज सिंह ने सीधे तौर पर कई बार कहा है कि बिहार में बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री होना चाहिए, या बीजेपी को मजबूत होकर सरकार बनानी चाहिए। लेकिन वे खुद को सीएम उम्मीदवार के रूप में नहीं पेश करते हैं।

मई 2023 में गिरिराज सिंह ने कहा था कि बिहार को भी 'योगी आदित्यनाथ' जैसा मुख्यमंत्री चाहिए। उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को बिहार का योगी बताया और उनका समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि बिहार में बीजेपी का सीएम फेस होना चाहिए, क्योंकि कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए मजबूत नेतृत्व जरूरी है।
जनवरी 2024 में उन्होंने कहा था कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार बनाएगी। नीतीश कुमार को 'बेचैन आत्मा' कहा था और भविष्यवाणी की थी कि बीजेपी अकेले या मजबूत होकर सरकार बनाएगी। 2019-2022 के आसपास भी उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी के नेतृत्व में सरकार की बात की थी। लेकिन 2025 चुनाव के बाद उन्होंने साफ़ कहा कि नीतीश कुमार ही सीएम रहेंगे, क्योंकि एनडीए ने नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था। उन्होंने 'भ्रम' फैलाने वालों पर सवाल उठाया और नीतीश का समर्थन किया। गिरिराज सिंह ने कभी खुद को बिहार का सीएम उम्मीदवार नहीं बताया। 2020 में भी उन्होंने कहा कि वे सीएम नहीं बनना चाहते।

नीतीश का विरोध करते रहे थे गिरिराज सिंह

गिरिराज सिंह नीतीश कुमार के सबसे मुखर आलोचकों में से एक रहे हैं, खासकर 2022 में जब नीतीश ने एनडीए छोड़कर महागठबंधन बनाया था। अगस्त 2022 में गिरिराज सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार सीएम लायक भी नहीं हैं तो पीएम कैसे बनेंगे? उन्होंने कहा था कि नीतीश 8 बार सीएम बने लेकिन अपनी पार्टी से सरकार नहीं बना सके। सितंबर 2022 में फिर कहा था कि नीतीश 'सीएम मटेरियल नहीं हैं' और अब पीएम बनना चाहते हैं। दिसंबर 2023 में नीतीश के एनडीए में वापस आने से पहले गिरिराज ने कहा था कि नीतीश अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। अक्टूबर 2019 में बाढ़ प्रबंधन पर नीतीश सरकार को 'अक्षम' कहा था जिस पर जेडीयू ने नाराजगी जताई थी। लेकिन बाद में नवंबर 2025 में चुनाव जीतने के बाद कहा कि नीतीश ही सीएम होंगे। दिसंबर 2025 में हिजाब विवाद में नीतीश का बचाव किया और कहा कि नीतीश ने कुछ गलत नहीं किया। अब फिर से गिरिराज सिंह ने नीतीश के पक्ष में बयान दिया है। यह बयान तब आया है जब जेडीयू ने कहा है कि नीतीश के बेटे निशांत सक्रिय राजनीति में आने वाले हैं।
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निशांत राजनीति में जल्द आएँगे- जेडीयू

वंशवाद का विरोध करने वाले नीतीश कुमार ने हमेशा लालू यादव और राहुल गांधी जैसे नेताओं को परिवारवाद के लिए निशाना बनाया। लेकिन अब उनके बेटे निशांत कुमार राजनीति में आ रहे हैं। जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने कहा है, 'निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री तय है। पार्टी जल्द औपचारिक ऐलान करेगी। कार्यकर्ता सालों से यह मांग कर रहे थे। होली से पहले यह फैसला खुशी की बात है।' उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। बीजेपी ने भी निशांत का स्वागत किया। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, 'नई पीढ़ी का आना अच्छा है। निशांत पढ़े-लिखे हैं, बीटेक हैं और जमीन से जुड़े हैं।'

नीतीश के सीएम पद छोड़ने पर अभी कयास ही हैं और गिरिराज सिंह ने इसे मजाक बताकर खारिज कर दिया है। लेकिन नीतीश के बेटे निशांत के राजनीति में आने की ख़बरें तो जेडीयू की तरफ़ से ही आईं हैं। अभी ये सब आधिकारिक ऐलान नहीं है, पर जिस तरह की ख़बरें आ रही हैं, इससे कुछ बड़ा होने का संकेत मिलता है और सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है। होली के बाद बिहार की राजनीति का रंग बदल सकता है।