loader

सुशांत सिंह राजपूत ने माँ के नाम की थी अंतिम इंस्टाग्राम पोस्ट

फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने 10 दिन पहले इंस्टाग्राम पर अंतिम पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने अपनी माँ के बारे बताया था। 
फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की रविवार को रहस्यमय ढंग से मौत हो गई। उनके घर की छत से लटकता उनका हुआ शव मिला है।
सुशांत सिंह ने इंस्टाग्राम पर अपनी माँ की तसवीर डाली थी। उन्होंने इसके साथ लिखा था, 'आँसुओं के वाष्पीकरण से अतीत की यादें धुंधली हो गई हैं। कभी न ख़त्म होने वाले सपनों से मुस्कान बनती है। और तेज़ी से ख़त्म होती ज़िंदगी दोनों को जोड़ती है।'
Sushant Singh Rajput last Instagram post on mother - Satya Hindi
सुशांत की मां का देहांत बहुत पहले हो चुका था, उस समय सुशांत सिफ 16 साल के थे। वह अपनी माँ के बहुत क़रीब थे। सुशांत कई बार सोशल मीड‍िया पर मां के प्रति प्रेम को जता चुके हैं। 

राजपूत ने एम. एस. धोनी फ़िल्म की कामयाबी के बाद एक इंटरव्यू में काफी भावुक होकर अपनी माँ को याद किया था। उन्होंने कहा था, 'मेरी इच्छा है कि वह इस समय जीवित होतीं। वह निश्चित रूप से मुझे यहाँ देख कर काफी खुश होतीं। यह भी हो सकता है कि तब मैं शायद बिल्कुल दूसरा आदमी होता।' 

सुशांत सिंह अपनी माँ को याद करते हुए कहा था कि यदि उनकी माँ जीवित होतीं तो कोई रिश्ता, कोई कामयाबी, किसी चीज से उन्हें मतलब नहीं होता। उनके अंदर कुछ बदल गया है, इसलिए वे इतने उत्साहहीन हो गए हैं। 

उन्होंने यह भी कहा था कि वे अभिनय की तरफ इसलिए मुड़ गए क्योंकि उससे उन्हें अपने आप से भागने में कामयाबी मिलती थी।

सुशांत सिंह राजपूत ने चम्बल के डाकुओं पर आधारित फ़िल्म 'सोनचिड़िया' में एक डकैत का अभिनय किया था और उनकी भूमिका की काफी तारीफ हुई थी। वह स्वंय इस फिल्म को काफी पसंद करते थे। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर इससे जुड़ी कई जानकारियाँ साझी की थीं। 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता प्रमाणपत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

सिनेमा से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें