पिंकी चौधरी के बेखौफ़ होकर बोलने के अंदाज से यह ज़रूर पता चलता है कि उसे किसी का संरक्षण ज़रूर है, वरना इतने बड़े मामले के बाद वह पुलिस से बचने के लिए कहीं मारा-मारा फिर रहा होता न कि किसी एसी रूम में बैठकर इन नफ़रती नारे लगाने वालों का समर्थन कर रहा होता।