केंद्र सरकार के संपदा विभाग (Estate Department) ने नोटिस जारी कर कांग्रेस पार्टी को अपना ऐतिहासिक दफ्तर 24 अकबर रोड और रायसीना रोड पर सरकारी भवन को खाली करने को कहा है। अंतिम तारीख 28 मार्च 2026 (शनिवार) तय की गई है। इसे फाइनल नोटिस बताया गया है।

बीजेपी पहले अशोक रोड, पंत मार्ग के दफ्तर खाली करेः कांग्रेस

इस नोटिस के बाद कांग्रेस में उबाल आ गया है। लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सरकार कांग्रेस पर “दबाव डालकर चुप कराना” चाहती है। उन्होंने कहा, “सरकार सोचती है कि दबाव बनाकर कांग्रेस को चुप करा सकती है। उन्हें हमें डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। क्या उन्होंने भाजपा के अशोक रोड या पंत मार्ग वाले कार्यालय को खाली करने का नोटिस दिया है? क्योंकि ईरान युद्ध के मुद्दे पर वे कुछ नहीं कर पाए हैं, इसलिए ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।”
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह “लोकतांत्रिक सरकार नहीं है”। उन्होंने बताया, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है। नोटिस हमें पहुंचने दें। हम चर्चा के बाद उस पर कार्रवाई करेंगे।”
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विवाद से जुड़ी खास बातें

  • 24 अकबर रोड का बंगला पिछले 48 वर्षों से कांग्रेस का मुख्यालय रहा है। पार्टी ने इसे 1978 से इस्तेमाल किया है।
  • पिछले साल (जनवरी 2025) कांग्रेस ने कोटला मार्ग (9A, कोटला रोड) पर अपना नया आधुनिक मुख्यालय इंदिरा भवन (Indira Bhavan) शुरू किया था, जिसका उद्घाटन सोनिया गांधी ने किया था। फिर भी अकबर रोड कार्यालय अभी तक पूरी तरह खाली नहीं किया गया है और कुछ पार्टी गतिविधियां वहां जारी हैं।
  • संपदा विभाग ने केवल अकबर रोड ही नहीं, बल्कि इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के 5, रायसीना रोड वाले कार्यालय को भी 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस जारी किया है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस नोटिस को राजनीतिक रूप से प्रेरित मान रही है और अदालत में जाने की तैयारी कर रही है। सीनियर नेता और जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी इस कदम की निंदा की है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार विपक्ष को कमजोर करने के लिए दबाव की रणनीति अपना रही है, जबकि भाजपा के अपने कार्यालयों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस मुद्दे पर सियासी घमासान तेज होने की संभावना है, क्योंकि 28 मार्च की डेडलाइन बहुत करीब है।

बीजेपी के कब्जे में दो दफ्तर, हट नहीं रही

भाजपा ने साल 2018 में दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर अपना नया भव्य राष्ट्रीय मुख्यालय (DDU Marg) शुरू किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। यह कार्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस है और पार्टी का आधिकारिक राष्ट्रीय मुख्यालय है। इसके अलावा, दिल्ली भाजपा का भी नया स्थायी कार्यालय इसी क्षेत्र में सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटित किया गया था। पुराना अशोक रोड कार्यालय: भाजपा को 1985 में अशोक रोड का ऑफिस पार्टी कार्यालय के रूप में आवंटित किया गया था। नया मुख्यालय बन जाने के बावजूद भाजपा इस पुराने कार्यालय को पूरी तरह खाली नहीं किया है। यहां अभी भी कुछ पार्टी गतिविधियां, चुनावी वॉर रूम जैसी सुविधाएं और कुछ कार्य चलते रहते हैं।
सरकार की अपनी नीति (Land & Development Office की 2012 की पॉलिसी) स्पष्ट है। जब किसी राजनीतिक पार्टी को नया कार्यालय बनाने के लिए जमीन आवंटित हो जाती है, तो उसे तीन साल के अंदर पुराना सरकारी बंगला खाली कर देना चाहिए। भाजपा का नया मुख्यालय 2018 में बन गया था, यानी 2021 तक अशोक रोड खाली होना चाहिए था। लेकिन आज 2026 में भी भाजपा इस कार्यालय पर काबिज है।
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बीजेपी नेता इस मुद्दे पर कांग्रेस का मजाक उड़ा रहे हैं। भाजपा की ओर से अपना दफ्तर खाली न करने के आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार नीति के अनुसार कार्रवाई करती है, तो भाजपा को भी अशोक रोड कार्यालय खाली करना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे कांग्रेस से अकबर रोड खाली करने को कहा जा रहा है।