सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janta Party - CJP) को अब आम आदमी पार्टी (AAP) से जोड़कर देखा जा रहा है। बोस्टन स्थित संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) के AAP से पुराने संबंधों और मनीष सिसोदिया के समर्थन के बाद इसकी स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। एक पूर्व सिविल सर्वेंट ने इस मामले को स्पष्ट करने को कहा, जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने पार्टी से समर्थन वापस ले लिया। पत्रकार राजू पारुलेकर ने एक पॉडकास्ट में सीजेपी को लेकर तमाम सवाल उठाए हैं।
अभिजीत दिपके, बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस पढ़ रहे हैं। अभिजीत ने 2024 में अमेरिका जाने से पहले AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के साथ फोटो शेयर की थी। उन्होंने उस समय सिसोदिया को धन्यवाद देते हुए लिखा था, "आपके मार्गदर्शन के साथ बोस्टन जा रहा हूं। AAP के प्रति मेरी प्रतिबद्धता कभी कम नहीं होगी।"

अभिजीत दिपके का AAP से कनेक्शन

दिपके ने इंडिया टुडे टीवी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में स्वीकार किया कि उन्होंने 2020 से 2023 तक AAP के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि AAP के स्वास्थ्य और शिक्षा मॉडल से वे प्रभावित थे। बाद में उन्होंने व्यक्तिगत जीवन और वित्तीय स्थिरता पर ध्यान देने के लिए पार्टी छोड़ दी और बोस्टन चले गए।
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हालांकि, अभिजीत ने दावा किया कि CJP वर्तमान में AAP से पूरी तरह स्वतंत्र है।
20 मई को AAP नेता मनीष सिसोदिया ने इंस्टाग्राम रील में कहा, "अगर मगरमच्छ और कॉकरोच के बीच युद्ध हुआ तो मैं गर्व से कॉकरोच जनता पार्टी के साथ खड़ा हूं।" इस बयान ने CJP को AAP से जोड़ने वाली अटकलों को और बल दिया।

पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी ने छोड़ा समर्थन

CJP की स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा सवाल पूर्व सिविल सर्वेंट आशीष जोशी ने उठाया। बुधवार को उन्होंने X दिपके से 24 घंटे का समय मांगा और पूछा:"प्रिय अभिजीत दिपके, आपकी पहल बहुत अच्छी है। लेकिन कई लोग मुझे बता रहे हैं कि CJP AAP की पहल है। कृपया स्पष्ट करें कि यह स्वतंत्र पहल है या नहीं।"

जब 24 घंटे में कोई जवाब नहीं मिला, तो जोशी ने गुरुवार रात को अपना समर्थन वापस ले लिया। उन्होंने लिखा, "CJP में क्षमता है और मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन मैं किसी ऐसी मूवमेंट का हिस्सा नहीं बनना चाहता जो वास्तव में स्वतंत्र न हो।" इससे पहले 17 मई को शिक्षाविद् संदीप मनुधाने ने CJP को "AAP का वेंचर" बताते हुए लोगों को आगाह किया था। उन्होंने इसे 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन (India Against Corruption) से जोड़ते हुए कहा कि यह विपक्षी जगह को नष्ट करने की नई रणनीति हो सकती है।

पत्रकार राजू पारुलेकर का क्या कहना है

पत्रकार राजू पारुलेकर ने कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर देशवासियों को सावधान किया है। उन्होंने बुशरा खानम के साथ इस पर एक पोडकास्ट किया और एक्स पर भी लिखा। इस पोडकास्ट में राजू पारुलेकर कहते हैं- मिलियन फॉलोअर्स इतनी छोटे अवधि में होने का मतलब यही समझ में आता है कि इसके पीछे आरएसएस का या आप पार्टी का हैंड है। ये मिलियन फॉलोअर्स जिन लोगों के हैं, जो विदेश में रहते हैं। एक के तो संस्थापक विदेश में रहते हैं, एक-दो यूट्यूबर भी हैं, जो अच्छा काम करते हैं। लेकिन आपके नसीब में अलग कुछ नहीं आएगा, यही आएगा जो मोदी काल में आया है। तो आप समझिए कि यह भी एक ट्रैप है। विदेश से संचालन करने वाले लोग हैं, जो आम आदमी पार्टी के साथ हमेशा से जुड़े हुए हैं। यूरोप में हैं, यूएस में हैं, देखो आप अंधे बनकर मत दौड़ो। आप जागरूक हो जाइए। तो आप लोग कॉकरोच जनता पार्टी को नया स्वतंत्रता संग्राम न समझें। 2011 में जो समझाया था 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' वही ये नए नाम से आया है। ये कोई रजिस्टर्ड आर्गेनाईजेशन नहीं है, ये सारे के सारे 'सर्वदेव नमस्कारं केशवं प्रतिगच्छति', यानी ये केशव के पास जाएगा या केशव बलिराम हेडगेवार (संघ के संस्थापक) के पास।
राजू कहते हैं- मैंने भारत के राजनीतिक परिदृश्य में नए और ज़बरदस्त प्रवेश करने वाले दलों - RSS, जनसंघ, भाजपा, AAP, CJP के डीएनए का विश्लेषण किया है। 2010-11 की पूरी IAC (इंडिया अंगेस्ट करप्शन) साजिश हमारी आँखों के सामने खुल गई है। इसका उद्देश्य पूरा हो चुका है। इसने कांग्रेस और धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी दलों के क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया है। इसने भाजपा के अब तक अभेद्य क्षेत्रों में सेंध लगा दी है। बता दें कि राजू पारुलेकर शुरुआत में ही इंडिया अंगेस्ट करप्शन से जुड़ गए थे लेकिन बाद में इसके कारनामों को देखते हुए अलग हो गए।

CJP की लोकप्रियता

CJP ने CJI सूर्यकांत के भारतीय युवाओं पर दिए गए बयान पर व्यंग्यात्मक अभियान चलाकर राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया। मीम्स, व्यंग्य और राजनीतिक हाइपोक्रिसी पर हमलों के जरिए इसने तेजी से लोकप्रियता हासिल की। दावा है कि इसकी इंस्टाग्राम फॉलोअर्स संख्या BJP, कांग्रेस समेत सभी प्रमुख दलों से आगे निकल गई है।

CJP की शुरुआत Arvind Kejriwal के NEET-UG पेपर लीक पर छात्रों को सड़क पर उतरने की अपील के तुरंत बाद हुई।
कई लोग इसे AAP की पूर्व-योजनाबद्ध डिजिटल रणनीति मान रहे हैं।
अभिजीत दिपके ने कहा है कि उन्होंने अपना AAP वाला अतीत कभी छुपाया नहीं, लेकिन कई समर्थक अब इसकी स्वतंत्रता पर संदेह जता रहे हैं।

सीजेआई की टिप्पणी के जवाब में एक्स पर अकाउंट 'कॉकरोच जनता पार्टी' यानी CJP शुरू किया गया। वैसे तो यह पहली नज़र में मजाकिया और व्यंग्यात्मक अकाउंट नज़र आया, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि यह युवाओं की आवाज़ बनता जा रहा है। बाद में यह इंस्टाग्राम पर भी अकाउंट शुरू किया गया और फिर वेबसाइट भी बन गई। लेकिन गुरुवार शाम को एक्स खाते पर भारत में रोक लगा दी गई।