आरबीआई की क्लीन (साफ सुथरी) नोट नीति: 1999 में रिजर्व बैंक ने एक नीति घोषित की और जनता से नोटों पर नहीं लिखने का आग्रह किया। उसने कहा कि बैंकों को गंदे और कटे-फटे नोटों के आदान-प्रदान के लिए अप्रतिबंधित सुविधा की व्यवस्था का निर्देश है। इसका मकसद नागरिकों को अच्छी क्वॉलिटी वाले नोट और सिक्के देना है, जबकि गंदे नोटों को चलन से बाहर करना है।