संसद के दोनों सदन गुरुवार 5 फरवरी को लगभग ठप हैं। लोकसभा की कार्यवाही तो शुरू होने के बाद ही स्थगति हो गई। लेकिन लोकसभा थोड़ी देर बाद ही फिर से बुलाई गई और बजट प्रस्तावों को पास कर दिया गया। लेकिन यह सब काम प्रधानमंत्री मोदी के लोकसभा में भाषण के बिना किया गया। पीएम मोदी बुधवार से ही लोकसभा में आना नजरन्दाज कर रहे हैं। क्योंकि वहां नेता विपक्ष राहुल गांधी उन्हें जनरल नरवणे की किताब को भेंट करना चाहते हैं, जिसे सत्तापक्ष अप्रकाशित किताब बता रहा है। बहरहाल, पीएम मोदी अब शाम 5 बजे राज्यसभा में अपना भाषण देंगे। इस तरह मोदी लोकसभा में राहुल गांधी को किसी भी एक्शन का मौका नहीं देना चाहते। 
विपक्षी सांसदों की जबरदस्त नारेबाजी के बाद गुरुवार को संसद के निचले सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।विपक्षी नारेबाजी के बीच लोकसभा ने राष्ट्रपति के दोनों सदनों को संबोधित करने के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। लोकसभा का सत्र, जो सुबह 11 बजे शुरू हुआ था, इंडिया गठबंधन के सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाने के तुरंत बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दोपहर 12 बजे सदन के पुनः शुरू होने के तुरंत बाद नारेबाजी जारी रही, और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को फिर से दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
सत्तापक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी कल बुधवार 4 फरवरी को लोकसभा में इसलिए भाषण देने नहीं आए क्योंकि उन पर हमला हो सकता था। इसके लिए लोकसभा की फुटेज पेश करते हुए दावा किया गया कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री लोकसभा में जहां बैठते हैं, उस जगह को घेर रखा था। हालांकि वहां पीएम नहीं थे। हालांकि संसद टीवी बता रहा है कि कांग्रेस की महिला सांसद नेता विपक्ष को बोलने से रोकने का विरोध कर रही थीं और उनके हाथों में पोस्टर थे। उनका इरादा पीएम मोदी पर हमले का नहीं था। लेकिन अब उसी घटना की वजह से पीएम के बुधवार को लोकसभा में न आने की सफाई दी जा रही है।
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खड़गे का हमला- मोदी बीजेपी की जंजीरों में जकड़े हैं

राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा लोगों को बोलने नहीं देती। उनका कहना है कि पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी को जंजीरों में जकड़ रखा है, उन्हें बोलने नहीं दे रही। सत्ताधारी दल के लोग "बंधुआ मजदूर" हैं। विपक्ष सत्ताधारी दल की तरह दूसरों को "पीट-पीटकर गाली-गलौज" नहीं करता। उन्होंने कहा कि मैं बता रहा हूं कि कैसे जन प्रतिनिधियों को बोलने न देकर जनता को कुचला जा रहा है।

खड़गे ने कहा कि राज्यसभा एकमात्र सदन नहीं है, बल्कि राज्यसभा और लोकसभा दोनों को मिलाकर संसद कहा जाता है। लोकसभा में विपक्ष के प्रतिनिधि को बोलने की अनुमति न दिए जाने के कारण निचला सदन ठीक से काम नहीं कर रहा है। इस पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने खड़गे से कहा कि वह सदन के वरिष्ठ सदस्य हैं और उन्हें राहुल गांधी से सदन के नियमों का पालन करने के लिए कहना चाहिए।

जेपी नड्डा की सफाई

राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कहा- “राहुल गांधी 20 मिनट और बोलना चाहते थे, हमने उनसे कहा कि वे जितना चाहें उतना बोल सकते हैं।” लेकिन उनका कहना है कि विपक्ष संसद में “अव्यवस्थित तरीके से” बात कर रहा है, जिससे लोकतंत्र संकट में है। नड्डा ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा में किसी भी प्रश्न का उत्तर देने के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन विपक्ष सदन की कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ने दे रहा है।” नड्डा ने कहा “केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष के अनुरोध पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों पर बयान दिया है। यह एक खुद से दिया गया बयान है, इस पर कोई प्रश्नोत्तर नहीं होगा।” उन्होंने आगे कहा कि समझौते की रूपरेखा तैयार हो रही है और आने वाले दिनों में इसे पेश किया जाएगा।