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राज ठाकरे पर FIR, अज़ान मामले में सरकार कार्रवाई करेः पवार

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ ठाणे में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। राज ठाकरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह ठाणे में एक समारोह में तलवार लहराते नजर आ रहे थे। इस एफआईआर में दो अन्य कार्यकर्ताओं को नामजद किया गया है। महत्वपूर्ण यह है कि राज ठाकरे लगातार अज़ान के खिलाफ बयान देकर नफरत बढ़ा रहे हैं लेकिन राज्य पुलिस ने उन पर उस मामले में केस दर्ज करने की बजाय आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया है। इसीलिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार को कहना पड़ा कि सरकार कार्रवाई करे।
मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग को लेकर राज ठाकरे एक बार फिर चर्चा में हैं। राज ठाकरे लगातार मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए महा विकास अघाड़ी सरकार पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने अब सरकार को 3 मई तक का अल्टीमेटम दिया है। इससे पहले भी वह लाउडस्पीकर मामले पर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। रामनवमी के मौके पर मनसे कार्यकर्ताओं ने शिवसेना भवन के सामने लाउडस्पीकर लगाकर वहां हनुमान चालीसा का पाठ किया था, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।
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दरअसल, राज ठाकरे ने एक रैली के दौरान मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग करते हुए चेतावनी दी थी कि अगर मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाए गए तो मस्जिदों के सामने ऊंची आवाज में हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। फिर मनसे कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग जगहों पर लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया है। ऐसे में अब राज ठाकरे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।इस बीच, एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को राज ठाकरे पर कटाक्ष किया और कहा कि लोग मनोरंजन के उद्देश्य से राज ठाकरे के भाषण में शामिल होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मनसे प्रमुख के भाषण में वास्तविक मुद्दे नहीं होते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, शिवाजी महाराज का नाम नहीं लेने के लिए राज ठाकरे मुझ पर आरोप लगाते हैं। मैं शिवाजी महाराज का बहुत सम्मान करता हूं और राज ठाकरे के दावों में कोई सच्चाई नहीं है। लाउडस्पीकर पर राज ठाकरे के अल्टीमेटम के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार करेगी। राज्य सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह महंगाई और बेरोजगारी पर बोलने का समय है, लेकिन इस पर कोई नहीं बोलता। महाराष्ट्र के मतदाताओं ने राज ठाकरे को उनकी पार्टी को वोट न देकर करारा जवाब दिया है।

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उधर, मनसे प्रमुख ने राज्य सरकार को 3 मई तक मस्जिदों में लाउडस्पीकर बंद करने के लिए अपनी चेतावनी दोहराई। राज ठाकरे ने कहा कि यह एक 'सामाजिक मुद्दा है न कि धार्मिक मुद्दा' और पुष्टि की कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी।महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनकी धमकियों को इतना महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। वहीं कांग्रेस के संजय निरुपम ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मुंबई की एक भी मस्जिद से लाउडस्पीकर हटा दिया जाए तो यह बड़ी शर्म की बात होगी।

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क़मर वहीद नक़वी
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