केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान 'वंदे मातरम' के लिए नए प्रोटोकॉल जारी किए हैं: सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में जन गण मन से पहले सभी 6 श्लोक बजाए जाएंगे; खड़े रहना अनिवार्य है, लेकिन सिनेमा हॉलों में व्यवधान से बचने के लिए छूट दी गई है।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी इन दिशानिर्देशों के अनुसार, सरकारी आयोजनों, स्कूलों और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' से पहले बजाया या गाया जाएगा।
गृह मंत्रालय के अनुसार, जब राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों एकसाथ बजाए या गाए जाते हैं, तो 'वंदे मातरम' पहले पेश किया जाएगा। सभी उपस्थित व्यक्तियों को राष्ट्रगीत बजने या गाए जाने के दौरान सावधान मुद्रा में खड़े होना अनिवार्य होगा। हालांकि, सिनेमा हॉल में फिल्म या न्यूज़ रील के दौरान 'वंदे मातरम' बजने पर खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि इससे दर्शकों को परेशानी हो सकती है और व्यवस्था बिगड़ सकती है।
नए नियमों में 'वंदे मातरम' के सभी छह छंदों को शामिल किया गया है, जिसमें 1937 में कांग्रेस द्वारा हटाए गए चार छंद भी शामिल हैं। गीत की आधिकारिक अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड बताई गई है।
ये दिशानिर्देश राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम (Prevention of Insults to National Honour Act) के तहत लागू होंगे, जिसमें राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का अपमान करने पर अधिकतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है।
वंदे मातरम पर क्या हैं निर्देश
राष्ट्रगीत का उपयोग निम्न अवसरों पर अनिवार्य होगा:
- सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में
- राष्ट्रध्वज फहराने के समय
- राष्ट्रपति या राज्यपालों के आगमन-प्रस्थान समारोहों में
- पद्म पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान समारोहों में
- अन्य महत्वपूर्ण आधिकारिक अवसरों पर
'वंदे मातरम' की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 7 नवंबर 1875 को की थी, जो 1882 में प्रकाशित उनके उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल है। हालांकि यह हमेशा विवादित रहा। इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा गया। 1937 में कांग्रेस ने केवल पहले दो छंदों को स्वीकार किया था, क्योंकि अंतिम छंदों में हिंदू देवियों का उल्लेख था।
ये नए दिशानिर्देश राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर जारी किए गए हैं। गृह मंत्रालय का मकसद राष्ट्रगीत को राष्ट्रगान के समान सम्मान और प्रोटोकॉल प्रदान करना है।